
एसडीओ के आदेश भी नहीं दे पाए छात्राओंं को राहत, न सफाई हुई ना ही खिड़कियों के लगे कांच
निवाई. एकलव्य बालिका आवासीय विद्यालय में गत दिनों उपखण्ड अधिकारी के निरीक्षण कर असुविधाओं और अव्यस्थाओं को दूर करने के निर्देश भी छात्राओं को राहत नहीं दे पाए है। सोमवार को भी छात्रावास में बालिकाओं के लिए बनाए गए शौचालय गंदगी से अटे नजर आए। शौचालय की खिड़कियों के कांच और दरवाजे टूटी हुई हैं और वार्डन 23 नवम्बर से अनुपस्थिति चल रही हैं।
ऐसे में बालिकाओं के छात्रावास बिना वार्डन के संचालित हो रहा हैं। विद्यालय परिसर में बालिकाओं के लिए दो छात्रावास बने हुए हैं, इनमें से वार्डन का एक पद होने रिक्त है। ऐसे में एक छात्रावास महिला सुरक्षा गार्ड के भरोसे हैं। कहने तो विद्यालय और छात्रावास की साफ -सफ ाई के लिए तीन सफ ाई कर्मी संविदा पर लगे हुए हैं, लेकिन हालात देख कर लगता है, जैसे यहां काफी समय से सफ ाई नहीं हुई हैंं। बालिकाओं को बदबू और गंदगी में बर्तन धोने पड़ रहे। स्नानाघर में टोटियां टूटी हुई हैं।
इधर, प्रधानाचार्य अंजू मीणा ने बताया कि विद्यालय में 27 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 14 पद रिक्त हैं। विद्यालय में एक भी एलडीसी नहीं हैं, साथ वार्डन का एक पद रिक्त ही चल रहा हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के निर्देशानुसार वार्डन को छात्रावास में रहना आवश्यक हैं, लेकिन वार्डन विद्यालय परिसर के आवास रहती है जो पूर्णतया अनुचित हैं। 31 जुलाई 2019 से पूर्व छात्रावास के स्टोर का चार्ज शिक्षक ईश्वरचंद शर्मा के पास था, जिनका स्थानांतरण जुलाई माह में हो गया, लेकिन वार्डन ने उनसे अब तक भी चार्ज नहीं लिया हैैं।
कलक्टर को भेज दी रिपोर्ट
एकलव्य बालिका आवासीय विद्यालय में निरीक्षण के दौरान पाई अव्यस्थाओं और अनियमितताओं पर जिला कलक्टर को लिखित में शिकायत भेज दी हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्य अंजू मीणा और वार्डन नारंगी देवी के लापरवाही बरतने पर नोटिस दे दिया गया हैं।
जेपी बैरवा, उपखण्ड अधिकारी, निवाई
Published on:
05 Dec 2019 06:48 pm
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