बस्तों में सालों पुराना रिकार्ड बांध कार्यालय को खाली किया जा रहा है। गौरतलब है कि आजादी के बाद 2 अक्टूबर 1959 में राज्य में पंचायतराज की स्थापना होने के बाद दूनी में ग्राम पंचायत का गठन हुआ था।
दूनी. गांव से शहर बने दूनी पर अब स्वायत शासन विभाग की इकाई नगरपालिका मण्ड़ल का आधिपत्य होंगा। छह दशक से अधिक समय तक एक दर्जन से अधिक पंचायत प्रमुखों की और से कराए विकास कार्यों एवं अहम प्रस्तावों के गवाह रहा पंचायतराज का रिकॉर्ड अब रंग-बिरंगे बस्तों में बंधने लगा है।
कार्मिकों की और से बस्तों में बांधा जा रहे रिकार्ड को पंचायतकर्मी देवली पंचायत समिति एवं नवगठित नगरपालिका कार्यालय दूनी के सुपुर्द करेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से ग्राम पंचायत को नगरपालिका में क्रमोन्नत करने के बाद पंचायतकर्मी करीब छह दशक से अधिक समय का रखा रिकार्ड दर्जनों रंग-बिरंगे कपड़े के बस्तों में बांधने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यालय को खाली किया जा रहा है
तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी बनवारीलाल बैरवा ने बताया कि बस्तों में सालों पुराना रिकार्ड बांध कार्यालय को खाली किया जा रहा है। गौरतलब है कि आजादी के बाद 2 अक्टूबर 1959 में राज्य में पंचायतराज की स्थापना होने के बाद दूनी में ग्राम पंचायत का गठन हुआ था। इसमें करीब चौसठ साल में तैरह पंचायत प्रमुखों ने अपने-अपने कार्यकाल में गांव के विकास के लिए नवीन आयामों से लोगों की सेवा कर सरकारी योजना का लाभ पहुंचाया।
पति-पत्नी का का रहा आधिपत्य
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन दूनी पंचायत में अधिक आधिपत्य पति-पत्नी का रहा है। इसमें आठवें सरपंच भंवरलाल जाट चुने गए तो नवें सरपंच के रूप में उनकी पत्नी गोकली देवी। इसके बाद दसवें सरपंच रामकिशन जाट तो ग्याहरवीं सरपंच उनकी पत्नी गीता देवी। वही इसके बाद बाहरवें सरपंच के रूप में रामअवतार बलाई चुने गए मगर एक वर्ष बाद उनकी मौत हो गई। फिर हुए उपचुनावों में उनकी पत्नी मायादेवी बलाई गांव की सरपंच चुनी गई।
आखिरी सरपंच एवं प्रथम चेयरमैन बनी माया देवी
अक्टूबर 1959 में पंचायतराज की स्थापना होने पर दूनी में ग्राम पंचायत का गठन हुआ। इसमें कस्बे के प्रथम सरपंच रामगोपाल झंवर बने, इसके बाद गुजरमल चीपड़, धर्मचंद जैन, हकीम जुलाहा, प्रेमचंद गौखरू, बजरंगलाल शर्मा, ओमङ्क्षसह खुर्राट, भंवरलाल जाट, गोकली देवी जाट, रामकिशन जाट, गीता देवी, रामअवतार बलाई व उसके बाद उनकी पत्नी मायादेवी बलाई ग्राम पंचायत की आखिरी सरपंच रही। गत दिनों राज्य सरकार की ओर से ग्राम पंचायत को नगरपालिका मण्ड़ल में क्रमोन्नत किए जाने के बाद सरपंच मायादेवी नगरपालिका दूनी की प्रथम चेयरमैन बनी।
रिकॉर्ड की छंटनी कर जमा कराएंगे
पंचायतराज के रिकार्ड को अभी बस्तों में बांधा जा रहा है। इसके बाद कार्मिक इसकी छटनी कर कुछ रिकार्ड देवली पंचायत समिति तो कुछ रिकार्ड नवगठित नगरपालिका कार्यालय में जमा कराएंगे।
-मायादेवी, चेयरमैन नगरपालिका, दूनी।