
मालपुरा में लोक अदालत के जरिए वृद्ध दम्पती को मिलाने के लिए मुंसिफ मजिस्ट्रेट सीमा चौहान ने फैसला सुनाया।
मालपुरा .'कब के बिछुड़े हम आज कहां आकर मिले...सिलसिला फिल्म का ये गीत पुरानी तहसील मालपुरा के वृद्ध दम्पती पर सटीक बैठता है। दरअसल में मन-मुटाव के चलते 6 5 वर्षीय जगदीश गुर्जर व 6 0 वर्षीय पत्नी प्रेम देवी अलग-अलग रह रहे थे।
मुंसिफ मजिस्ट्रेट सीमा चौहान की अदालत ने शनिवार को दोनों को आपस में मिलाकर उनका नया जीवन शुरू कराया है। इसके लिए एडवोकेट नन्दकिशोर सैनी व राजेन्द्र तिवाड़ी को साथ लेकर मुंसिफ मजिस्ट्रेट स्वयं मौके पर पुरानी तहसील स्थित जगदीश के घर गई।
जहां से उसे साथ लेकर पत्नी प्रेम देवी के पीहर गरजेड़ा पहुंची। वहां दोनों को आपस में मिलाकर जीवन को सुखमय व्यतीत करने का फैसला सुनाया।
मामले के अनुसार गरजेड़ा निवासी प्रेम देवी ने वर्ष 2007 में पति जगदीश गुर्जर हाल निवासी पुरानी तहसील मालपुरा के खिलाफ डिग्गी थाने में मारपीट करने का मामला दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने जगदीश गुर्जर के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया था।
न्यायालय की ओर से प्रेम देवी को एक हजार पांच सौ रुपए प्रति माह भरण-पोषण के देने के लिए पति को निर्देश दिए गए थे। मामले के न्यायालय में विचाराधीन व दम्पती की वृद्धावस्था को देखते हुए प्रकरण लोक अदालत में लाया गया।
जहां मुंसिफ मजिस्ट्रेट सीमा चौहान को पति जगदीश ने बताया कि उसे पत्नी से किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है, लेकिन उसे लेने उसके पीहर नहीं जाऊंगा। वह आती है तो मैं रखने के लिए तैयार हूं। वहीं पत्नी ने कहा कि पति उसे लेने आएगा तभी वह उसके साथ जाएगी।
इस पर मुंसिफ मजिस्ट्रेट सीमा चौहान स्वयं मौके पर गई तथा वृद्ध जगदीश को साथ में लेकर पत्नी के पीहर गांव पहुंचे। जहां दोनों को आपस में मिलवाया।
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