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यहां लगें है जगह-जगह बारुद के ढ़ेर, नही है कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

देवली. क्षेत्र में इस बार रिकॉर्ड तोड़ सरसों का उत्पादन होने से जगह-जगह तूड़ी के ढेर लगने लगे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते इन पर अंकुश नहीं लगाए जाने से ये ढेर कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। तूड़ी के खुले ढेरों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने के कारण चिंगारी भी बड़े अग्निकाण्ड को जन्म दे सकती है।

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Pawan Kumar Sharma

Apr 03, 2017

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देवली क्षेत्र स्थित सिरोही गांव में खेतों पर लगे तूड़ी के पहाड़।

देवली. क्षेत्र में इस बार रिकॉर्ड तोड़ सरसों का उत्पादन होने से जगह-जगह तूड़ी के ढेर लगने लगे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते इन पर अंकुश नहीं लगाए जाने से ये ढेर कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। तूड़ी के खुले ढेरों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने के कारण चिंगारी भी बड़े अग्निकाण्ड को जन्म दे सकती है। इससे निपटना मुश्किल काम हो सकता है।

अग्निशमन के संसाधन नहीं होने से यह स्थिति बेहद खतरनाक है। गर्मियों में बढऩे वाले तापमान से भी हादसे बढ़ते रहे हैं। कई बार बिजली के तारों में होने वाले स्पार्किंग भी इन ढेरों में आग उत्पन्न करती है।

ठेकेदार हैं सक्रिय

ग्रामीणों ने बताया कि सरसों की फसल पकने से पहले ही तूड़ी के ठेकेदार सक्रिय हो जाते हैं। वे किसानों से सम्पर्क कर प्रति बीघा की दर से तूड़ी का सौदा करते हैं। सरसों निकलने के बाद ठेकेदार सुविधा के अनुसार खुले स्थानों पर इसका भंडारण करते हैं। कीमतों में तेजी आते ही वे उसे बेच देते हैं। इसके लिए वे किसानों से जमीन भी किराए पर लेते हैं। जहां इनका संग्रहण करते हैं।

ठेकेदारों को यह तूड़ी 6 से 7 महीने तक संग्रहित रखनी पड़ती है। अत्यंत ज्वलनशील होने के कारण तूड़ी भयंकर अग्निकांड का रूप भी ले लेती है। इन दिनों सिरोही गांव व यहां से गांवड़ी रोड पर करीब आधा दर्जन से अधिक तूड़ी के पहाड़ खड़े हैं। हालांकि फिलहाल इसकी शुरुआत हुई है।

अप्रेल तक देवली से लेकर सरोली मोड़ तक दर्जनों ऐसे पहाड़ दिखाई देने लग जाते हैं। समय रहते प्रशासन ने इन पर रोक नहीं लगाई तो ये हादसे का सबब बन सकते हैं।सरसों से निकली तूड़ी किसानों के लिए 'आम के आम एवं गुठलियों के दाम वाली साबित हो रही है।

इसके चलते सिरोही गांव में तूड़ी के ढेर पहाड़ का रूप लेते जा रहे हैं। अब गर्मी के साथ ही यह स्थिति जोखिमपूर्ण बनती जा रही है। यदि हादसा हुआ तो, उससे निपटना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाएगा। इस बारे में एसडीओ रविकुमार वर्मा ने कहा कि सरसों की तूड़ी के ढेरों की जानकारी नहीं है। जानकारी करेंगे।

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