
राजमहल. राजीव गांधी सेवा केन्द्र के सभा भवन में बेकार पड़े गेहंू, चावल व आटे के कट्टे।
राजमहल. कोरोना वायरस कोविड-19 के तहत लगे लॉक डाउन में गरीबों को वितरित करने के लिए ग्राम पंचायतों को दिए गए दर्जनों क्विंटल गेहंू, आटा व चावल बिना काम में आए प्रशासन की उदासीनता के कारण पहले विद्यालयों में तो फिर अब ग्राम पंचायतों में पड़े-पड़े बेकार हो रहे है।
पिछले कई महिनों से पड़े रहने के कारण धीरे-धीरे अब आटे में इल्लियां पैदा होने लगी है, वहीं गेहंू धीरे-धीरे तुस में तब्दील होने लगा है, जिससे सरकार गरीबों को राहत पहुंचाने का उद्देश्य धुमिल हुआ है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने आदेश जारी कर गरीबों को खाद्य सामग्री के लिए विद्यालयों में बेकार पड़े छात्रों के पोषाहार के गेंहू व चावल को सभी ग्राम पंचायतों को सुपुर्द करने के निर्देश जारी किए थे।
सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय प्रशासन की ओर से पोषाहार का गेहंू, चावल आदि का वजन करवाकर ग्राम पंचायतों के सुपुर्द कर दिया था। वहीं पंचायत समितियों की ओर से भी ग्राम पंचायतों में गरीबों के लिए दर्जनों आटे के कट्टों के किट भेजे गए थे, जो इन दिनों सरकारी तंत्र की अनदेखी के कारण ना तो गरीबों में बंटे ओर ना ही विद्याार्थियों को दिया गया, जिससे यह सामग्री पंचायतों में पड़ी-पड़ी बेकार होने के कगार पर है। आटें के कट्टे खराब हो चुके है।
इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएंगे। साथ ही उपखण्ड अधिकारी देवली से चर्चा करेंगे। उनके निर्देशानुसार गेहंू, चावल व आटे को बंटवाने आदि का कार्य किया जाएगा।
Published on:
11 Jul 2020 10:03 am
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