
पुरानी टोंक क्षेत्र के संघपुरा, जाटापाड़ा, रावण की डूंगरी आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित रहने से नाराज लोगों ने जलदाय कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए पानी पहुंचाने की मांग की। नाराज लोगों ने अभियन्ताओं को खरी-खोटी भी सुनाई।
टोंक. पुरानी टोंक क्षेत्र में चालीस दिन बाद भी जलापूर्ति सुचारू नहीं करने पर लोगों ने जलदाय कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया।
पुरानी टोंक क्षेत्र के संघपुरा, जाटापाड़ा, रावण की डूंगरी आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित रहने से नाराज लोग सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
इसके बाद सभी लोगों ने जलदाय कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए पानी पहुंचाने की मांग की। नाराज लोगों ने अभियन्ताओं को खरी-खोटी भी सुनाई।
लोगों का आरोप था कि अन्य क्षेत्र में पानी आ रहा है। जबकि उनके क्षेत्र के लोग पानी को तरस रहे हैं।
अभियन्ता के पानी पहुंचाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में नरेन्द्र, नाथूलाल, प्रेमचंद, बनवारी, गीता, कमला, शान्ति सहित कई शामिल थे।
देवली. उपखण्ड कार्यालय में सोमवार को एसडीओ मनोज शर्मा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
उन्होंने अघोषित कटौती पर नाराजगी जताई तथा कहा कि फोन पर उपभोक्ताओं को सही सूचना दें।
उन्होंने बिजली ट्रिपिंग, शहर व ग्रामीण क्षेत्र में हो रही अघोषित कटौती को लेकर सहायक अभियंता के समक्ष नाराजगी जताई।
सहायक अभियंता ने बताया कि लोड शेडिंग के चलते बिजली कटौती हो रही है।
इस पर एसडीओ ने अभियंता को कार्यालय में जिम्मेदार कर्मचारी लगाकर लोगों को बिजली आने व जाने की सही सूचना देने के लिए निर्देशित किया है।
बैठक में विकास अधिकारी कुुशलेश्वर सिंह, पुलिस वृत्ताधिकारी नरेन्द्रमोहन शर्मा, पशु चिकित्साधिकारी नफीस अहमद, पी. एल. जांगिड भी थे।
प्रदर्शन कर रहे चार जने गिरफ्तार
क्षेत्र के देवली गांव में बिजली कटौती से नाराज ग्रामीण रविवार रात सब ग्रिड स्टेशन पहुंच गए। जहां उन्होंने प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों को देखकर कार्यरत कर्मचारी भाग छूटे। डिस्कॉम अभियंताओं की सूचना पर देवली थाने के एसआई बाबूलाल व निगम के कनिष्ठ अभियंता अजय मीणा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया।
कनिष्ठ अभियंता अजय मीणा ने बताया कि उच्च स्तर से बिजली कटौती चल रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता।
कनिष्ठ अभियंता की रिपोर्ट पर ग्रामीण गोपाल, आशीष, दिनेश व लोकेश को पुलिस ने शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। इधर, सोमवार को भी देवली गांव में कई घंटे बिजली कटौती हुई।
सड़कों पर उतरे ग्रामीण
आवां. ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों हो रही बिजली की अघोषित कटौती से नाराज ग्रामीण रविवार रात सड़क पर उतर आए।
इस दौरान उन्होंने निगम अभियंताओं के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। सरपंच राधेश्याम चन्देल ने सम्बन्धित अभियंताओं को समस्या से अवगत करा राहत दिलाने के लिए कहा, लेकिन लोग शांत नहीं हुए।
बाद में बिजली सुचारू होने पर लोग घरों को लौटे। आवां निवासी युगल सोमाणी, शंकर सैन, किशन प्रजापत, फूलचन्द कुम्हार व रमेश सोनी आदि ने बताया कि क्षेत्र में कुछ दिनों से दिन व रात में हो रही बिजली कटौती से विद्यार्थियोंकी पढ़ाई प्रभावित होने के साथ जलापूर्ति गड़बड़ाने लगी है।
टोडा का गोठड़ा, राजकोट, ख्वासपुरा, सीतापुरा, टोकरावास, कनवाड़ा आदि पंचायतों के सरपंचों ने बताया कि छोटे गांवों में तो बिजली की आंख-मिचौली ने हालात और खराब कर दिए हैं।
कम वोल्टेज के साथ अधिकांश समय बिजली गायब रहने की शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
Published on:
20 Sept 2016 10:55 am
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