
टोंक कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को हुई बैठक में हंगामा करते किसान।
टोंक. किसानों के भारी हंगामें के बीच शुक्रवार दोपहर बाद बीसलपुर बांध की नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोडऩे का निर्णय हुआ। हालांकि इस निर्णय से किसान खुश नहीं थे। उनकी मांग थी कि सिंचाई के लिए 6 टीएमसी पानी मिले, लेकिन प्रशासन ने बांध की नहरों में 4 टीएमसी पानी छोडऩा तय किया। ये पानी बीसलपुर बांध की नहरों में शनिवार शाम साढ़े 4 बजे छोड़ा जाएगा।
बीसलपुर बांध की दायीं व बायीं मुख्य नहर में पानी छोडऩे के लिए बैठक दोपहर तीन बजे बाद शुरू हुई। इसमें जिला कलक्टर सूबेसिंह यादव, जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी, देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर तथा टोंक प्रधान जगदीश गुर्जर व किसानों की मौजूदगी में पानी छोडऩे का निर्णय हुआ।
समय शनिवार शाम साढ़े चार बजे तय किया, लेकिन पानी की क्षमता बढ़ाने को लेकर किसानों ने हंगामा कर दिया। इस पर कलक्टर समेत जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ये निर्णय राज्य सरकार का है। इस पर किसान बैठक में खड़े हो गए और कहा कि सरकार के जनप्रतिनिधि व अधिकारी टोंक जिले में भी मौजूद है। इसके बावजूद कम पानी क्यों छोड़ा जा रहा है।
किसानों का हंगामा बढ़ता देख अधिकारी व जनप्रतिनिधि बैठक समाप्ति की घोषणा कर चले गए। इसके बाद भी किसान सभागार में हंगामा करते रहे। उन्होंने पानी कम छोडऩे पर नाराजगी जताई।
बिना पानी भी रह सकते हैं
बैठक में जल वितरण समिति विभिन्न गांवों से आए सदस्य शामिल हुए। उनका कहना था कि रबी की फसलों में कम से कम दो बार सिंचाई हो। इसके लिए 6 टीएमसी पानी छोड़ा जाए। इस पर कलक्टर समेत अन्य अधिकारियों ने 4 टीएमसी पानी छोडऩे को ही कहा। इस पर किसान भडक़ गए। बैठक में हंगामा करते हुए 6 टीएमसी पानी छोडऩे की मांग पर अड़ गए।
महावीर तोगड़ा ने कहा कि पर्याप्त पानी है तो देना चाहिए, लेकिन बीसलपुर बांध परियोजना व प्रशासन ऐसा नहीं कर रहा है। इससे किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा। कम पानी अंतिम छोर तक के किसानों को भी नहीं मिलेगा। इस पर कलक्टर ने कहा कि पानी हर हाल में अंतिम छोर तक के किसानों तक उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में भाजपा जिला महामंत्री नरेश बंसल, जिला परिषद सदस्य रामचन्द्र गुर्जर, कांग्रेस महामंत्री देवकरण गुर्जर समेत अन्य मौजूद थे।
जिला कलक्टर सूबेसिंह यादव ने बताया कि बीसलपुर बांध का गेज शुक्रवार को 313.51 है। इस स्तर पर बांध में 24.90 टीएमसी पानी उपलब्ध है। इसमें से 4 टीएमसी किसानों को सिंचाईके लिए उपलब्ध कराया जाएगा। शेष पानी जलापूर्ति के लिए आरक्षित रखा गया है। बीसलपुर बांध से टोंक व जयपुर समेत अन्य जिलों के गांवों व शहरों में जलापूर्ति की जा रही है। ऐसे में सरकार ने 4 टीएमसी पानी नहरों में छोडऩे का निर्णय किया है।
ये है नहरी तंत्र
बांध की 51.6 4 किमी लम्बी दायीं मुख्य नहर से 218 गांवों की कुल 69 हजार 393 हैक्टेयर जमीन सिंचित होती है। इस नहर से राजमहल, संथली, दूनी, सांखना, दाखिया, मुगलानी, नगरफोर्ट वितरिकाएं व टोंक ब्रांच शामिल हंै। वितरिकाओं की लम्बाई 58 1 किमी है। बायीं मुख्य नहर 18 .6 5 किमी लम्बी तथा वितरण तंत्र 93.6 2 किमी लम्बा है। ये टोडारायसिंह के 38 गांवों से होकर 12 हजार 407 हैक्टेयर जमीन को सिंचित होती है।
Published on:
04 Nov 2017 08:13 am
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