टोंक. जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल और अतिरिक्त जिला कलक्टर शिवचरण मीना ने गुरुवार रात आए आंधी-तूफान में मरने वाले लोगों के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई एवं जिला प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद करने भरोसा दिया।
उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में घायल होने वाले लोगों का राजकीय सआदत अस्पताल में पहुंचकर हालचाल जाना। जिला कलेक्टर ने अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ बीएल मीणा एवं डॉण् अशोक यादव से घायलों के इलाज की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों के बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने गुरुवार रात ही उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य करने के निर्देश दिए। साथ हीए पटवारी तथा गिरदावरों सहित संबंधित अधिकारियों को प्राकृतिक आपदा से जिले में हुए नुकसान के आकलन के निर्देश दिए। उन्होंने इस विपदा में बेघर होने वाले लोगों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया
जिला कलेक्टर ने उपखंड निवाई में आंधी-तूफान से हुई जन एवं पशु हानि का मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम ललवाड़ी में दीवार गिरने से मरने वाले 13 वर्षीय बालक मोहिद के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों ने अपनी पीड़ा जिला कलेक्टर को बताई। जिला कलेक्टर ने उपखंड अधिकारी रविकांत सिंह को प्रभावित परिवारों का सर्वे कर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिला कलेक्टर ने घासी की ढाणी, लोदेणा एवं अवाना की ढाणी में अंधड के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों तथा जन एवं पशुहानि का मौके पर जाकर जायजा लिया। उपखंड टोंक के ग्राम निमोला की सरदारपुरा ढ़ाणी में पेड़ गिरने से घायल हुई वृद्ध महिला भूरी देवी से मिलकर कुशलक्षेम पूछी।