
इतिहास: टोंक नवाब ने बसाया था गहलोद, गांव के तीन ओर हैं नदियां
पीपलू (रा.क.). पीपलू व टोंक जिला मुख्यालय की सीमा पर बनास नदी के मुहाने पर गहलोद गांव स्थित हैं, जिसकी बसावट एवं प्राचीनता के बारे में लोग ही बताते हैं कि सौ के साल में बनास नदी में आई बाढ़ के समय यह गांव नदी के बीच में था। जहां ठाकुर परिवार के लोग रहते थे, लेकिन बाढ़ में गांव के बह जाने के बाद बचे हुए कुछ परिवारों को तत्कालीन नवाब ने वर्तमान गांव को बसाया, जिसका नाम गहलोद रखा गया।
जानकारी अनुसार गहलोद गांव पहले टोंक जिले की सबसे बड़ी पंचायत थी। बाद में इसको पांच ग्राम पंचायतों में बांट दिया गया। वर्तमान में गांव की जनसंख्या लगभग 1 हजार 600 है तथा करीब 250 से अधिक घरों की आबादी हैैं। आवागमन की दृष्टि से इस गांव के बनास नदी के दूसरे छोर पर बसे होने के कारण निजी वाहन या पैदल सफर कर टोंक जिला मुख्यालय आ जाते हैं।
आवागमन के लिए राजस्थान पथ परिवहन निगम ने इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन कर रखा हैं, लेकिन वर्षा के दिनों बनास नदी में पानी आने तथा नदी रपट के क्षतिग्रस्त होने पर संचालित रोडवेज बसों का संचालन बंद हो जाता है। इस गांव तक पहुंचने के सभी रास्तों पर बनास, सहोदरा व माशी नदिया पार करनी होती है।
ऐसे हाल में वर्षाकाल में गंभीर रोगियों को जिला मुख्यालय के अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। हालांकि हाल ही में टोंक के विधायक सचिन पायलट ने 4 किमी लंबे पुल टोंक से गलोद तक बनाने को लेकर 135 करोड़ रुपए की स्वीकृति करवाकर सौगात दी हैं। यूं तो टोंक से गहलोद के बीच की दूरी 4 किलोमीटर है, लेकिन वर्षा काल में यह दूरी 40-50 किलोमीटर हो जाती है।
ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेती-बाड़ी
यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती बाड़ी था, लेकिन बाड़ी व्यवसाय को बीसलपुर बांध के बनने के बाद बनास नदी के जल स्रोतों में आई कमी के कारण ग्रहण सा लग गया है। अब मात्र कृषक परंपरागत गेहूं, सरसों, मिर्च की फसल करते हैं। गहलोद में अमरूदों की बागबानी भी की जाती हैं। जिससे यहां के किसानों को अच्छी आय होती है।
चिकित्सा की दृष्टि से इस गांव में सरकारी स्तर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा शिक्षा को लेकर वरिष्ठ उपाध्याय स्तर का संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। गहलोद गांव मालपुरा, टोडारायसिंह, पीपलू तहसील के कई गांवों को जोड़ता है। गहलोद ग्राम पंचायत अंतर्गत मारखेड़ा, किशनपुरा, नयागांव, छोटी गलोद, देवरी, बिलायतीपुरा आदि शामिल है।
Published on:
19 Oct 2020 05:33 pm
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