सालाना 6 हजार करोड़ का उत्पादनमहज मिल है जिले मेंगुणवत्ता की वजह से बनी है मांगनिवाई बनता रहा है औद्योगिक हबजलालुद्दीन खानटोंक. गुणवत्ता के चलते टोंक के सरसों तेल की डिमांड प्रदेश के साथ पांच राज्यों में बढ़ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले के कई उद्योग तो ऐसे हैं जो प्रदेश को छोड़ कर पश्चिम बंगाल में सरसों तेल की सप्लाई कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश कुल सरसों उत्पादन का 45 प्रतिशत उत्पादन करता है।
देश के 5 राज्यों में टोंक के तेल की डिमांड
सालाना 6 हजार करोड़ का उत्पादन
महज मिल है जिले में
गुणवत्ता की वजह से बनी है मांग
निवाई बनता रहा है औद्योगिक हब
जलालुद्दीन खान
टोंक. गुणवत्ता के चलते टोंक के सरसों तेल की डिमांड प्रदेश के साथ पांच राज्यों में बढ़ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले के कई उद्योग तो ऐसे हैं जो प्रदेश को छोड़ कर पश्चिम बंगाल में सरसों तेल की सप्लाई कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश कुल सरसों उत्पादन का 45 प्रतिशत उत्पादन करता है।
इसके बाद हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश का नम्बर आता है। इसमें भी अच्छी गुणवत्ता के चलते टोंक जिले के तेल की मांग बढ़ रही है। सालाना करीब 6 हजार करोड़ के तेल का निर्यात जिला कर रहा है। इसमें भी निवाई की खास भूमिका है। निवाई जिले में औद्योगिक हब भी बनता रहा है। जबकि जिले में 65 ऑयल मिल ही है।
दूसरी तरफ जिले में बीसलपुर बांध और अन्य नहरी क्षेत्रों से सिंचाई होने पर करीब ढाई से तीन लाख हैक्टेयर में सरसों की बुवाई होती है। जबकि बुवाई का कुल लक्ष्य ही 4 लाख है। इसमें एक चौथाई में सरसों को छोड़कर अन्य फसलें होती है। जिले की सरसों की गुणवत्ता दाने में करीब 42 प्रतिशत (तेल) है। यह अच्छी मानी जाती है।
कई ब्रांड लेते हैं तेल
टोंक जिले की ऑयल मिल से कई ब्रांड भी तेल लेते हैं। वे इसे अपने प्रोडक्ट में शामिल करते हैं। इसके अलावा टोंक जिले का ब्रांड भी काफी मशहूर है। इसकी भी मांग अब बढ़ती जा रही है।
कई राज्यों में जाता है
निवाई ऑयल मिल से तेल प्रदेश के अलावा कई राज्यों में जा रहा है। निवाई के उद्योगपति रवि टोडवाल ने बताया कि निवाई से तेल कोटा, जयपुर समेत पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में सप्लाई हो रहा है। उन्होंने बताया कि बंगाल में सरसों का उपयोग ज्यादा होता है। ऐसे में इसकी मांग अधिक है।
एक हजार करोड़ की खळ बनती है
जिले की ऑयल मिल में एक हजार करोड़ रुपए की तो खळ का ही उत्पादन होता है। यह पशु आहार के काम में आती है। निवाई में कई फैक्ट्री तो इसका निर्यात कई राज्यों में करती है।
लगातार बढ़ रहा है उत्पादन
जिले के सरसों तेल की मांग कई राज्यों में है। देश के कई नामी ब्रांड सरसों तेल लेते हैं। राजस्थान समिट के बाद अब कई फैक्ट्रियां और आएंगी।
- शैलेन्द्रकुमार शर्मा, जिला महाप्रबंधक, औद्योगिक क्षेत्र टोंक
फैक्ट फाइल
- 65 आयल मिल है जिले में
- साल में 250000 टन तेल का उत्पादन होता है
- 6000 करोड़ रुपए कीमत सालाना के खाद्य तेल का उत्पादन होता है
- 1000 करोड़ रुपए के खळ का उत्पादन होता है
- निवाई में 30 फैक्ट्री
- टोंक में 20 फैक्ट्री
- मालपुरा में 10 फैक्ट्री
- उनियारा में 5 फैक्ट्री