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नए साल 2021 में बदल जाएगा टोंक सआदत अस्पताल का स्वरूप

नए साल 2021 में बदल जाएगा टोंक सआदत अस्पताल का स्वरूप  

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नए साल 2021 में बदल जाएगा टोंक सआदत अस्पताल का स्वरूप

नए साल 2021 में बदल जाएगा टोंक सआदत अस्पताल का स्वरूप

पवन शर्मा
टोंक. जिले का सबसे बड़ा सआदत अस्पताल नए साल 2021 में नई सुविधाओं के साथ अलग ही रूप में बदला-बदला सा नजर आएगा। साथ ही अब तक कई सुविधाओं के अभाव में मरीजों व चिकित्साकर्मियों को हो रही परेशानियों से भी राहत मिलेगी। साथ ही आए दिन मरीजों को जयपुर रैफर किए जाने पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी।

इसी को लेकर तात्कालीन भाजपा सरकार में जनप्रतिनिधियों व चिकित्सा अधिकारियों के अथक प्रयास से टोंक सआदत अस्पताल के अतिरिक्त निर्माण व अपग्रेडेशन के कार्य के लिए सरकार ने 19 करोड 33 लाख रूपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की थी। जिसमें 1 करोड 47 लाख विद्युतीकरण व 13 करोड 31 लाख 86 हजार रूपए से सिविल एवं बाह्य विकास के कार्य होगें।


बदल जाएगा आपातकालीन ब्लॉक
सआदत अस्पताल के अतिरिक्त निर्माण व अपग्रेडेशन कार्य के पूर्ण होने के बाद वर्तमान में संचालित आपातकालीन कक्ष का स्थान भी बदल जाएगा। इसे यहां से हटाकर पुराने जनाना अस्पताल के पास बने नए भवन में बनाए आपातकालीन कक्ष में संचालित किया जाएगा। यहां से मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद ऑबजरवेशन कक्ष में रखा जाएगा। इसके बाद ही चिकित्साधिकारियों के निर्देश के बाद नए भवन के प्रथम तल पर बने वार्ड में शिप्ट किया जाएगा।

नए भवन में चलेगा स्थपित होगी ट्रोमा यूनिट
अतिरिक्त निर्माण व अपग्रेडेशन कार्य के पूर्ण होने के वर्तमान में सआदत अस्पताल के पिछे स्थित ट्रोमा यूनिट को भी नए भवन में आपातकालीन यूनिट के पास संचालित किया जाएगा। जहां पर गम्भीर घायल मरीज के लिए ट्रोमा आईसीयू सहित सभी सुविधाएं उपल्बध रहेगी।

पुराने भवन के उपर बने है नए वार्ड
वर्तमान में संचालित सआदत अस्पताल के पुराने भवन में उपर की मंजिल पर अस्पताल का विस्तार करते हुए नए वार्डो का निर्माण कार्य कराया गया है।

मिलेगें रहने के लिए क्वार्टर
आपातकालीन में मरीजों को समय पर परामर्श व उपचार मिले इसके लिए अस्पताल परिसर में ही एमओ व पैरा मैडीकल स्टॉफ के लिए रहने के लिए 6 क्वार्टर बनाए गए है।

मिलेगी स्थायी पुलिस चौकी व बंदी मरीजों के लिए जैल

अस्पताल के नए भवन में आपातकालीन ईकाई के पास भू-तल पर पुलिस कंट्रोल रूम खोला जाएगा। जिससे अस्पताल में आए दिन चिकित्सक व स्टॉफ के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही पुराने भवन के ऊपर लोहे के मजबूत दरवाजों की जैल भी बनाई गई है। जिसमें एक कैदी वार्ड मय टॉयलेट भी बनाया गया है।

2017-18 के बजट में हुई थी घोषण
सआदत अस्पताल पर बढ़ते मरीजों के भार को देखते हुए तात्कालीन भाजपा सरकार में 2017-18 के राज्य बजट में अस्पताल के अतिरिक्त निर्माण व अपग्रेडेशन कार्य के लिए घोषणा हुई थी। जिसके बाद एनएचएम की ओर से अस्पताल में कार्य शुरू किया गया।

बढ़ रहा है मरीजों को आंकड़ा
जिले के पास ये गुजर रहे नेशनल हाइवे पर आए दिन होने वाले हादसों व सबसे बड़े अस्पताल होने के कारण मरीजों का दबाव बढऩे लगा है। इस कारण आउटडोर में 900 से लेकर 1000 व इनडोर में 50 से 60 रोगी प्रतिदिन आ रहे है।

ये मिलेगी सुविधाएं....

भूतल व प्रथम तल पर अपग्रेडशन आई वार्ड (मेल-फिमेल), अपग्रेडशन आई ओटी, रैम्प, सुलभ कॉम्पलेक्स, सीढिय़ा एव लिप्ट वैल सहित अन्य मरम्म्त का कार्य को शामिल किया गया है। इसी प्रकार प्रथम तल पर ऑपरेशन थियेटर 2, प्रीपेरेशन, स्टोर, वॉश, ऑटोक्लैव, रिकवरी, नर्स व डॉक्टर रूम, नर्सिंग स्टेशन, प्री-आवरेशन वार्ड, मेल व फिमेल सर्जिकल वार्ड, केंसर वार्ड, कैदी वार्ड मय टॉयलेट, ओटी थर्ड, सीढिय़ां रैम्प,लिफ्ट, सुलभ कॉम्पलैक्स, पीएमओ व डिप्टी कंट्रोलर रूम ऑफिस मय स्टाफ रूम, रिकॉर्ड रूम व स्टोर, महिला एवं पुरूष स्टॉफ शौचालय आदि होगें।

प्रथम व भू-तल पर आपातकालीन ईकाई
स्वागत कक्ष, रिकॉर्ड रूम, लॉबी, सात बैड का ऑबजरवेशन कक्ष, पुलिस कंट्रोल रूम, एक्सरे पोर्टेबल, ईसीजी, एक्जामिनेशन क्रीडल, डॉक्टर, नर्स व प्लास्टर रूम, ट्रीटमेन्ट व ड्रेसिंग कक्ष, रैम्प, सीढिय़ां व लिफ्ट, पुराने एमसीएच भवन का अपग्रेडेशन, एवं अतिरिक्त निर्माण कार्य, व एम्बुलेंस 108 पार्किंग आदि के कार्य शामिल है।

इसी प्रकार द्वितीय तल पर आईसीयू वार्ड, 9 बैड वार्ड, स्टोर, नर्स व डॉक्टर ड्युटी रूम, टॉयलेट ब्ॅलाक, वेटिंग एरिया आदि का कार्य शामिल है। इसी प्रकार प्रथम तल पर भी वार्ड 9 बैड (2), डॉक्टर व नर्स ड्यूटी रूम दो, स्टोर , नर्सिंग स्टेशन, रैम्प, सीढिय़ा व लिफ्ट, वेटिंग लॉबी, नर्स व डॉक्टर चेन्ज रूम, ओटी(ऑटोक्लेव, रिकवरी, प्रिपेरेशन,स्क्रब, वॉश) आदि कार्य शामिल है।


अन्य मुख्य कार्य जो हुए है
विद्युतीकरण का कार्य, 2 लाख लीटर लीटर कैपेसिटी का ओवरहेड टैंक, मैडीकल गैस पाइप लाईन, डीजी सैट एवं इलेक्ट्रिक सबस्टेशन आदि का कार्य शामिल है।

90 फीसदी से अधिक कार्य पूरा

सआदत आस्पताल के चल रहे अतिरिक्त निर्माण व अपग्रेडेशन के कार्य को देख रहे सहायक अभियंता एनएचएम गजेन्द्र गोतम ने बताया कि मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन में काम बंद रहा। जून में लॉकडाउन खुलने पर मजदूरों के अपने घर चले जाने के कारण काम में थोडी देरी हुई है। मजदूर आ गए है अब काम पूरी तरह से सही चल रहा है। गोतम ने बताया कि 90 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो गया है। अगर सब कुछ सही चलता रहा तो मार्च 2021 तक बकाया कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

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