
Samrawata Village Tonk News: पलाई क्षेत्र के समरावता गांव में हुए बवाल के बाद चार दिन बीत जाने के बाद भी जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। हादसे के भय में लोग सहमे हुए है। घरों की टूटी खिड़कियां, सड़कों पर जले वाहनों के निशान और गांव के चारों तरफ सन्नाटा पसरा है। पुलिस वाहन गुजरते हैं तो लोग सहम जाते हैं। हालांकि एनएच 148 डी हाईवे और गांव से पुलिस बल हटा लिया गया है। हीरामनजी के स्थान के सामने स्थित मकान में जबरदस्त तोड़फोड़ हुई है। मकान मालिक जमनालाल मीणा की पत्नी प्रकाशी मीणा बुधवार को रात हुई पिटाई से अब भी डरी हुई है। उसने कहा पुलिस ने मकान की खिड़कियों के किवाड़ को नुकसान पहुंचाया। जंगले, रोशनदान किवाड़ों पर लगे कांच एवं जालियां तोड़ दी। दीपावली पर 50 हजार की एलईडी लाए थे। उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने कहा निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थको को निकालने के चक्कर में पुलिस ने घरों में घुसकर पीटा। गांव से कई ग्रामीण नदारद है, जो यहां मौजूद है वह खुलकर नहीं बोल रहे हैं। जबकि महिला मुखर हो रही है। इनका गुस्सा पुलिस के प्रति बहुत ज्यादा है।
खूब सेवा की थी हमने: महिलाओं का कहना है कि पुलिसकर्मियों की हमने बुधवार को खूब सेवा की थी। उन्होंने रात के अंधेरे में समर्थकों को निकालने के चक्कर में मकानों में घुसकर हमारी पिटाई की। महिलाओं ने घटना की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। महिलाओं ने बताया कि बुधवार शाम धरना स्थल पर नाच गाने का कार्यक्रम होने के कारण भीड जमा थी।
घायलों का मेडिकल टीम ने किया उपचार: समरावता गांव में 13 नवंबर को हुए थप्पड़ कांड में घायल सभी लोगों का मेडिकल टीम की ओर से प्राथमिक उपचार किया गया। उनियारा ब्लॉक सीएमएचओ गिरीश कटारिया के निर्देशानुसार समरावता गांव में पहुंची मेडिकल टीम ने घायल महिला, पुरुष व बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उनको दवाइयां, गोलियां दी गई।
Published on:
18 Nov 2024 11:25 am
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