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साधन है न संसाधन, कैसे करे आमजन की सुरक्षा, दो जवानों के भरोसे सत्ताइस गांव

पुलिस का आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का स्लोगन आवां क्षेत्र सटीक नहीं बैठ रहा हैं। आखिर पुलिस के दो कार्मिक इतना बड़ा क्षेत्र संभाले भी तो कैसे?

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साधन है न संसाधन, कैसे करे आमजन की सुरक्षा, दो जवानों के भरोसे सत्ताइस गांव

साधन है न संसाधन, कैसे करे आमजन की सुरक्षा, दो जवानों के भरोसे सत्ताइस गांव

आवां. पुलिस का आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का स्लोगन आवां क्षेत्र सटीक नहीं बैठ रहा हैं। आखिर पुलिस के दो कार्मिक इतना बड़ा क्षेत्र संभाले भी तो कैसे? दूनी थानान्र्तगत आवां पुलिस चौकी में सात पंचायतों के सताइस गांव आते हैं। इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था की पालना एवं सुरक्षा के लिए वर्तमान में यहां एक हैड कांस्टेबल और एक सिपाही ही कार्यरत हैं।

गौरतलब है कि यहां कार्यरत हैड कांस्टेबल शंभू सिंह राजावत सहायक उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नत हो चुके है। कुछ दिनों में राजावत प्रशिक्षण के लिए भेजे जाएंगे। ऐसे में कस्बे सहित कनवाड़ा, बडौली, सीतापुरा, ख्वासपुरा, राजकोट और टोडा का गोठड़ा पंचायत क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा एक सिपाही के कन्धों पर आ पड़ेगा।

ग्रामीणों का मानना है कि इन पंचायतों के बीच की आपस की दूरी अधिक है। विभाग की ओर से दी गई मोटर साइकिल भी अन्यत्र भेज दी गई है। चौकी में आवश्यक साधनों और संसाधनों का अभाव हैं। चार दीवारी अपूर्ण होने से परिसर आवारा पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है।

इधर, चौकी इंचार्ज हैड कांस्टेबल शंभू सिंह राजावत का कहना है कि चौकी पर एक सहायक उपनिरीक्षक, एक हैड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल के पद स्वीकृत है, पर मौके पर दो ही कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से समस्या का निराकरण कराने की मांग की है।

नई सीआर्म मशीन की व्यवस्था कराएं
देवली. राजकीय अस्पताल देवली में अस्थि रोग के लिए काम आने वाली सीआर्म मशीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस ने चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता आकाश कंछल, नीरज गौड़, दीपक पांचाल आदि ने बताया कि अस्पताल की सीआर्म मशीन गत पांच वर्षों से खराब है।

ये चालू नहीं होने से अस्थि रोग के ऑपरेशन करने में चिकित्सक को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरन अस्थि रोग चिकित्सक को बड़े ऑपरेशन वाले रोगियों को अन्यत्र रैफर करना पड़ रहा है। इससे आमजन को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं निजी अस्पतालों में अथवा बाहर जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। ज्ञापन में शीघ्र ही नई सीआर्म मशीन उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि अस्थि रोग से जड़े रोगियों को इसका लाभ मिल सके।

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