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दो जिलों के प्रशासन व पुलिस को चुनौती, बजरी भरे वाहन से आए दिन हो रहे है हादसे

आचार संहिता लागू होने के साथ प्रशासन की अनदेखी, उपखण्ड में बजरी माफियाओं के लिए मौज व क्षेत्रवासियों के लिए भारी पड़ रही है। क्षेत्र में बेखोफ दौड़ते बजरी से वाहन आमजन के लिए दुर्घटना का सबब बने हुए हैं।  

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दो जिलों के प्रशासन व पुलिस को चुनौती, बजरी भरे वाहन से आए दिन हो रहे है हादसे

दो जिलों के प्रशासन व पुलिस को चुनौती, बजरी भरे वाहन से आए दिन हो रहे है हादसे

टोडारायसिंह . आचार संहिता लागू होने के साथ प्रशासन की अनदेखी, उपखण्ड में बजरी माफियाओं के लिए मौज व क्षेत्रवासियों के लिए भारी पड़ रही है। क्षेत्र में बेखोफ दौड़ते बजरी से वाहन आमजन के लिए दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि बनास नदी तन में टोडारायसिंह उपखण्ड से जुड़े क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन के साथ परिवहन पर रोक है। इसके बावजूद उपखण्ड में बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्राली व अन्य वाहन भरकर सरपट दौड़ रहे है। स्थित यह है कि आचार संहिता लगने के बाद तथा विभागीय अनदेखी के बीच बजरी माफिया बैखोफ है।

क्षतिग्रस्त हो गए संपर्क सड$क मार्ग

हालात यह है कि उपखण्ड के कुरासिया, सालग्यावास, मोरभाटियान, छाणबाससूर्या व चूली क्षेत्र से बनास नदी तन में रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली भरकर अवैध परिवहन किया जा रहा है। जहां नदी तन से जुड़े सभी संपर्क सड$क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके बावजूद अनदेखी में जगह-जगह से क्षतिग्रस्त सड$क मार्गो पर बल्कि आबादी क्षेत्र में भी बजरी से भरे वाहन (ट्रैक्टर ट्राली) सरपट दौड़ रहे है। जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।


हादसे होते टले:
शहरवासियों ने बताया कि गत दिवस शहर कल्याणजी चौक में सरकारी वाहन को देख, चालक ने बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्राली को बीच रास्ते खाली कर तेज गति से भगाने के कारण 11 केवी विद्युत लाइन के खम्भें कोटक्कर मार दी। जिससे चालू लाइन में खम्भा क्षतिग्रस्त होकर नजदीक मकान पर गिर गया। हालाकि सूचना मिलते ही बिजली आपूर्ति बंद करने से बड़ा हादसा होते टल गया। इसी प्रकार टोडारायसिंह -मालपुरा मार्ग पर महाराणा प्रताप स्टेडियम के सामने बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्राली को तेज गति से चला रहे चालकों ने प्रशासनिक वाहन को देख, स्टेट हाइवें पर ही बजरी को उडेल (बिखेर) दिया। करीब पांच सौ मीटर लम्बी दूरी पर सड$क पर बिखरी बजरी पर दुपहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे है।

चुनौती साबित हो रहा है


टोंक जिले से अलग होने के बाद केकड़ी जिले में शामिल हुए विखण्डित टोडारायसिंह क्षेत्र के प्रशासन के समक्ष बजरी खनन व परिवहन पर रोक, चुनौती साबित हो रहा है। टोंक जिले स्थित बनास नदी तन से खनन के बाद वाहन केकड़ी जिला अन्तर्गत परिवहन हो रहा है। खनन के बाद परिवहन पर अंकुश नहीं लगने से बजरी से जुड़े लोग बैखोफ बजरी का कारोबार कर रहे है। शहर के रेगरान घाटी, देशवाली मौहल्ला, खरेड़ा रोड समेत अन्य आबादी क्षेत्र में सरपट दौड़ते बजरी भरे वाहनों पर कार्रवाई के लिए कई बार शहरवासियों ने सीएलजी की बैठकों में मांग उठाई। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।

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