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माशी बांध की नहरों में 7 नवम्बर से दौड़ेगा पानी, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई जल वितरण कमेटी की बैठक

जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से 7 नवंबर को माशी बांध की मुख्य नहरों में पानी छोडऩे पर सहमति बनी।

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माशी बांध की नहरों में 7 नवम्बर से दौड़ेगा पानी, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई जल वितरण कमेटी की बैठक

माशी बांध की नहरों में 7 नवम्बर से दौड़ेगा पानी, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई जल वितरण कमेटी की बैठक

पीपलू (रा.क.). रबी की फसल में सिंचाई के लिए माशी बांध की जल वितरण कमेटी की बैठक पीपलू के डाक बंगला में जिला कलक्टर किशोरकुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से 7 नवंबर को माशी बांध की मुख्य नहरों में पानी छोडऩे पर सहमति बनी। जल संसाधान विभाग के एईन अशोक कुमार जैन ने बताया कि माशी बांध के भरने से इस बार नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।

इससे क्षेत्र की 6 98 5 हैक्टेयर जमीन पर रबी की फसल में सिंचाई होगी। इस दौरान अधिशाषी अभियंता गजानंद सामरिया ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान जिला कलेक्टर ने डाक बंगले पौधरोपण भी किया। बैठक में उपखंड अधिकारी डॉ. लक्ष्मीनारायण बुनकर, डिप्टी रामगोपाल बसवाल, तहसीलदार कैलाशचंद्र नायक, एईएन अशोक जैन, नायब तहसीलदार सीताराम लक्षकार, ब्लॉक क्रांगेस कमेटी अध्यक्ष रामगोपाल मीणा, नहर संगम अध्यक्ष रतनलाल चौधरी, घासीलाल चौधरी, हीरालाल साहू, पन्नालाल यादव, भागीरथ, काशीपुरा सरपंच नरेंद्र बैरवा, उम्मेदसिंह, सलीम देशवाली, बन्नालाल जाट आदि मौजूद रहे।


नहरों की अधूरी सफाई से किसानों में रोष
बनेठा. गलवा बांध की नहर एवं वितरिकाओं की सफाई पूर्ण रूप से नहीं करवाए जाने को लेकर टेल क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है। किसान महापंचायत छात्र संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने बताया कि जलसंसाधन विभाग द्वारा टेल स्थित नहरों की सफाई के दौरान ठेकेदार द्वारा सफाई सही ढंग से नहीं करने के कारण सफाई के बाद भी नहरों में कूड़ा करकट जमा हुआ है।

साथ ही नहरों के दोनों किनारों पर पेड़ पौधे उगे हुए है, जिससे टेल स्थित कृषि भूमि पर नहर छूटने के बाद पानी सही गति से आगे नहीं पहुंच पाएगा। किसानों ने बताया कि श्रीपुरा से लेकर पावाडेरा तक नहर सफाई का कार्य ठेकेदार द्वारा अपनी मनमर्जी से ही किया जा रहा है। ठेकेदार के कार्य की विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई मोनेट्रिंग नहीं की जा रही है, जिससे किसानों में रोष व्याप्त है।

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