
जूलीफ्लोरा से मुक्ति के लिए आगे आए युवा, कड़ाके की ठंड, गहरी धुंध के बीच विलायती बबूल हटाकर की साफ-सफाई
पीपलू (रा.क.). कड़ाके की सर्दी पीपलू में छोटी मस्जिद के समीप तालाब की पाल के किनारे युवाओं के विषझाड़ व सफाई के प्रति जुनून बौना नजर आई। किसी ने कुल्हाड़ी तो किसी ने हाथ में फावड़ा, परात तो किसी ने हाथ में झाडू़ थामी। देखते ही देखते बिलायती बबूलो व गंदगी से अटे मार्ग को चकाचक कर दिया।
सुबह 10 बजे पहल युवा संगठन पीपलू से जुड़े प्रशान्त शर्मा, बंटी विजयवर्गीय, नाथू नागरवाल, कंवरपाल बिधूड़ी, दीपक जोशी, संजय बैरवा, विशाल बैरवा, भागचंद सैनी, कमलेश चंदेल, अंकित विजयवर्गीय, गोविन्द आचार्य, लेखराज चंदेल, मंगलराम बैरवा, लोकेश नामा, राकेश सैनी, मानप्रकाश सैनी, धर्मराज चौधरी, फरियाद खान, रामदेव सैनी आदि हाथों में कुल्हाड़ी, फावड़ा, परात आदि औजार लेकर तालाब किनारे पहुंचे और विलायती कीकर को काटना शुरू कर दिया।
3 घंटे में की सफाई, जलाकर किया नष्ट
3 घंटे में छोटी मस्जिद से लेकर स्नान घाट तक आधा किलोमीटर दूरी में मुख्य रास्ते पर उगे हुए विलायती बबूल साफ हो गए। इन विलायती बबूल को मौके पर ही जला कर नष्ट किया गया। युवा टीम ने मुख्य रास्ते में फैली गंदगी को भी एकत्र कर परात में भरते हुए अन्यत्र डलवाया। जिससे एक ओर इस रास्ते की विष झाड़ी नष्ट हुई, वही तालाब में स्नान घाट पर नहाने जाने वालों को भी आवाजाही में राहत मिली है।
नगर परिषद का सफाई पर नहीं ध्यान, कैसे हो भूखण्ड नीलाम
टोंक. शहर में स्टेडियम के पास नगर परिषद की आईडीएसएमटी (इन्ट्रीगेटेड डवलपमेन्ट ऑफ स्मॉल एण्ड मीडियम टाऊन)कॉलोनी में इन दिनों कचरे के साथ मृत पशु भी डाले जा रहे है। आस-पास रह रहे कुछ परिवार इससे निजात पाने के लिए नगर परिषद का दरवाजा खटखटा कर थक चुके है।
वहीं कॉलोनी में दर्जनों भूखण्डों का विक्रय के लिए विगत वर्षों में नगर परिषद चार बार निविदा जारी कर चुकी है, लेकिन गंदगी के आलम के चलते परिषद को कोई भी खरीदार नहीं मिला। हाल ही में एक बार फिर से निविदा जारी की गई है, जबकि शहर के मध्य में होने के कारण बेशकीमती जगह है। कॉलोनी में मृत ***** डालते नगर परिषद सफाई कर्मचारी।
Published on:
13 Jan 2020 03:35 pm
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