
केरल राज्य के बैकवाॅटर पर्यटन का सबसे आकर्षक केन्द्र है अल्लेप्पी। यहां पर्यटक नारियल के पेड़ों के किनारे ठहरे हुए पानी में धीमी गति में नौका दौड़ का आंनद लेने आते हैं। झीलों की भूलभुलैया, लैगुन और मीठे पानी की नदियों के कारण इसे ‘पूर्व का वेनिस’ भी कहा जाता है।

केरल का यह छोटा सा शहर विशेष रुप से सालाना नौका दौड़ के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। पर्यटकों के लिए अल्लेप्पी, प्रसिद्ध बैकवाॅटर और राज्य के चावल के कटोरे कुट्टानड में नौकाविहार करने का मुख्य केन्द्र है। अल्लेप्पी के बैकवाॅटर में नौकाभ्रमण, भारत के अन्य शहरों की भागदौड़ से दूर यहां की साधारण जीवन शैली को करीब से देखने का मौका देता है।

नेहरु ट्राॅफी नौका दौड़ अल्लेप्पी का कभी ना मिस करने वाला आकर्षण है, जो सन् 1952 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की अल्लेप्पी यात्रा पर शुरु हुई थी। अगस्त में पुन्नमदा झील में होने वाला यह एक विशाल आयोजन है, जिसमें केरल की विशाल सर्प नौका और प्राचीन मलयाली राजाओं द्वारा उपयोग होने वाले चुंदन पोत इसके मुख्य आकर्षण है। आज यह नौका दौड़ अल्लेप्पी का सबसे बड़ा पर्यटन का आयोजन है। इसमें हर नौका एक गांव द्वारा प्रायोजित होती है। यह एक गंभीर दौड़ है, जिसमें हर नाव में 100 से ज्यादा नौका चलाने वाले होते हैं जो तेज संगीत पर इस दौड़ को खत्म करने की होड़ में रहते हैं।

अल्लेप्पी बीच- अल्लेप्पी बीच या अलाप्पुझा बीच एक लंबा रेतीला समुद्र तट है, जिस पर एक लाइटहाउस और पुराना सागर सेतु भी है, जो समुद्र के सदियों पुराने महत्व को याद दिलाता है।

अलाप्पुझा सैर के लिए सालभर में कभी जा सकते हैंं। लेकिन अगर आप बोट रेस के रोमांच का मजा लेना चाहते हैं तो अगस्त के महीने जाना ठीक रहेगा।