
टोंक. जिले में कई स्थानों पर गुरुवार रात व शुक्रवार को बूंदाबांदी व बारिश का दौर चला।खेतों मेंं खड़ी गेहंू, चने व कटकर पड़ी सरसों की फसलों में नुकसान पहुुंचा। गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई।
टोंक. जिले में कई स्थानों पर गुरुवार रात व शुक्रवार को बूंदाबांदी व बारिश का दौर चला। इस बीच कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। नासिरदा व राजमहल समेत कुछ स्थानों पर बेर के समान ओले भी गिरे। इससे खेतों मेंं खड़ी गेहंू, चने व कटकर पड़ी सरसों की फसलों में नुकसान पहुुंचा। गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई।
निवाई, देवली समेत अन्य मण्डियों में जिंस भीग गई। कई स्थानों पर लाइनों में फाल्ट आने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। कृषि विभाग का भी मानना है कि बेमौसम हुई बारिश से पककर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
उल्लेखनीय है कि जिले में इस बार सर्वाधिक ढाई लाख से अधिक हैक्टेयर में सरसों व पचास हजार से अधिक हैक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई है।
किसानों ने सरसों की कटाई कराकर उसे निकालने के लिए खेतों में रखी है। बारिश व बूंदाबांदी से उनमें दाने खराब हो जाएंगे। ऐसे में खराब मौसम को देखते हुए किसान जल्द से जल्द सरसों की कटाई में जुट गए हैं।
मालपुरा. कस्बे में शुक्रवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम में अचानक हुए बदलाव से किसान चिंतित हो गए। कृषि मण्डी में खुले में पड़ी बोरियों के भीग जाने से व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
Published on:
11 Mar 2017 10:30 am
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