20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अरावली उपत्यकाओं में गूंजी कश्मीर की वादियों के लोकगीतों की खनक

- क्रिसमस की छुट्टी के मौके पर कलांगन मेलार्थियों से रहा गुलजार - दिन भर हस्तशिल्प खरीदारी और शाम ढलते ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उमड़े लोग

less than 1 minute read
Google source verification
shilp

अरावली उपत्यकाओं में गूंजी कश्मीर की वादियों के लोकगीतों की खनक

राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव के तहत मुक्ताकशी मंच 'कलांगनÓ पर मंगलवार की सर्द शाम एक ओर जहां केसर की वादियों के लोकगीत अरावली उपत्यकाओं में गूंजे वहीं दूसरी ओर जयपुर से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ने हास्य नाटिका 'भोपाल की ट्रेन ने दर्शकों को खासा गुदगुदाया।

उत्सव की पांचवी सांझ की शुरूआत लंगा कलाकारों के गायन से हुई। इसके बाद बेड़ा रास, नटुवा और गोटीपुवा की जोश से भरपूर प्रस्तुतियों ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। बाद में कश्मीर की वादियों से आई कश्मीरी बालाओं ने 'रौफ नृत्य में 'भुम्बरो.. भुम्बरो... गीत पर भाव माधुर्य झलकाते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया।

इधर, सांस्कृतिक कार्यक्रम में आेडीशा के संबलपुर से आए कलाकारों ने संबलपुरी नृत्य में वहां मनाये जाने वाले त्यौहारों को सतरंगा स्वरूप दर्शाया। वहीं अहमदाबाद के मिमिक्री कलाकार हेमंत खरसाणी उर्फ चीका भाई ने श्वानों की मीटिंग को अनूठे अंदाज में प्रस्तुत कर मेलार्थियों का भरपूर मनोरंजन किया।

इस दौरान महाराष्ट्र का रोप मल्लखम्भ, गोवा के कलाकारों की देखणी, झारखण्ड का पाईका नृत्य, छत्तीसगढ़ का गौंड मारिया, राजस्थान का सहरिया स्वांग, मध्यप्रदेश का बधाई नृत्य व गुजरात का राठवा नृत्य उल्लेखनीय बने।

इससे पूर्व मंगलवार दोपहर से ही क्रिसमस अवकाश पर बड़ी संख्या में लोग शिल्पग्राम पहुंचे। जिन्होंने हाट बाजार में कलात्मक वस्तुओं लैदर बैग्स, वूलन शॉल्स, राजपूती परिधान, कशीदाकारी युक्त परिधान व डेकोरेटिव्स, धातु की बने कलात्मक फ्लॉवर पॉट, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, नारियल के छिलकों से बनी कलात्मक वस्तुएं, जूट के बैग्स, पंजाबी जूत्तियां, मोजडियां, गर्म जैकेट, स्वेटर आदि की खरीददारी की। दिनभर मेलार्थियों की भीड़ खाने-पीने के स्टॉल्स पर जुटी नजर आईं, जहां देर शाम तक उन्होंने लजीज व्यंजनों का रसास्वादन किया।