3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Udaipur: घर से भैंस ढूंढने निकले दो बहन और एक भाई तालाब में डूबे, खेरवाड़ा थाने के इस गांव में मचा कोहराम

उदयपुर के खेरवाड़ा थाना इलाके में रविवार शाम घर से निकले दो बहनों और एक भाई का शव नजदीक के तालाब में मिलने पर इलाके में सनसनी फैल गई। घर से तीनों बच्चे भैंस ढूंढने की बात कह कर निकले थे।

2 min read
Google source verification
डूबे, फोटो पत्रिका

डूबे, फोटो पत्रिका

Rajasthan: उदयपुर के खेरवाड़ा थाना इलाके में रविवार शाम घर से निकले दो बहनों और एक भाई का शव नजदीक के तालाब में मिलने पर इलाके में सनसनी फैल गई। घर से तीनों बच्चे भैंस ढूंढने की बात कह कर निकले थे। लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। गांववालों न बच्चों की तलाश शुरू की तो तीनों के शव गांव के नजदीक तालाब में मिले। घटना से गांव में मातम का माहौल है।

घर से निकले, शव तालाब में मिले

खेरवाड़ा थाना पुलिस के अनुसार गोडा फला लराठी गांव निवासी निरमा, खुशबू और कल्पेश जो तीनों रिश्ते में भाई बहन हैं रविवार शाम भैंस को ढूंढने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि देर शाम तक तीनों भाई बहन घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होने ग्रामीणों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू की। गांव के नजदीक बने तालाब के पास बच्चों की चप्पलें मिलने पर गांववालों को शक हुआ और उन्होने तालाब में बच्चों की तलाश शुरू की। थोड़ी देर में तीनों बच्चों के शव तालाब में तैरते नजर आए।

पुलिस की लेटलतीफी

ग्रामीणों ने तीनों बच्चों के शव रविवार देर शाम को बाहर निकाले। घटना की सूचना मिलने के बावजूद खेरवाड़ा थाना पुलिस काफी देर बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही तालाब में बच्चों की तलाश शुरू की। तीनों शव तालाब से बाहर निकाले जाने के बाद पहुंची पुलिस ने खेरवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाए।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे

घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के घर में कोहराम मच गया और स्थानीय लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुट गए। पुलिस ने खेरवाड़ा अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर तीनों शव परिजनों के सुपुर्द किए। गांव में तीनों शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतकों के परिजनों की चित्कार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

यह भी पढ़ें: भ्रष्टाचार मामलों में कार्मिकों से पूछताछ की अनुमति, जानें क्यों आइएएस-आरएएस पर मेहरबानी!