
अरावली पहाडि़यों में स्थित झीलों की नगरी के नाम से ख्यात उदयपुर शहर की सीमा व इसके पेराफेरी के गांवों में मास्टर प्लान व ग्रीन बेल्ट की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। सरकार के मंत्रियों व अफसरों से चोरी-छिपे ली गई स्वीकृतियां लेकर या अवैध निर्माण कर पेराफेरी के गांवों में नियमों का मखौल उड़ाया जा रहा है। ग्रीन बेल्ट में प्लानिंग काटी गई तो पहाड़ का सीना छलनी किया गया। फॉर्म हाउस व कृषि कार्य के नाम पर धड़ल्ले से ग्रीन बेल्ट का उजाड़ा जा रहा है। बेड़वास से सटी डांगियों की पचोली की चरनोट भूमि को यूआईटी ने अपने कब्जे में लेकर अब वहां निर्माण कार्य करवाने की तैयारी में है। इसी तरह बेदला में दलालों ने पहाड़ी को काट कर वहां पर भूखंड काट दिए हैं।
ग्रीन बेल्ट में किसी भी तरह की आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक है। इसके बावजूद भूमाफिया ग्रीन बेल्ट को लगातार छलनी कर रहे हैं। पेराफेरी के गांव में रसूख से आवासीय तथा व्यावसायिक गतिविधियों को मंजूरियां ली गई तो कुछ जगह पर सरकारी स्तर पर भी निर्माण हुए। गत दिनों यूआईटी ने पेराफेरी के गांव की चरनोट भूमि अपने कब्जे में ली थी। डांगियों की पचोली में आराजी नम्बर 1 से 10 की चरनोट भूमि अब यूआईटी के नाम दर्ज हो गई। यूआईटी चरनोट भूमि पर ही कॉम्पलेक्स बनाने जा रही है, इसके लिए वहां पर ड्रिलिंग व अन्य कार्य भी शुरू कर दिया।
बेदला में बसी बस्ती और कटी प्लानिंग
ग्रीन बेल्ट में कई कॉलोनियां बस गई तो केचमेंट एरिया में मकान बन गए। बेदला माताजी मंदिर के आसपास ग्रीन बेल्ट में दलालों ने पहाडि़यों को काटकर प्लानिंग काट दी। कृषि भूमि पर वहां पर कई कॉलोनियां बस गई।
Published on:
09 Jun 2017 04:05 pm
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