
एक वोट से विधानसभा चुनाव हारने वाले भारतीय चुनाव इतिहास के दूसरे व्यक्ति है डॉ सीपी जोशी
भगवती तेली/उदयपुर. राजस्थान के नाथद्वारा से विधायक डॉ सीपी जोशी 15वीं राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ सीपी जोशी ने बुधवार को कार्यभार संभाला। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित अन्य नेता जोशी को आसन तक लेकर गए और कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी। दस साल पहले एक वोट से हारने वाले डॉ सीपी जोशी का जन्म 29 जुलाई 1950 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय रामचन्द्र जोशी और माता का नाम सुशीला जोशी है। उनकी शादी ज्योत्सना जोशी से हुई। उनके एक बेटा भी है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि
जोशी ने अपनी प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा नाथद्वारा में पूरी की। उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज (सुखाड़िया विवि आर्टस कॉलेज) उदयपुर से लॉ में बीए किया और भौतिकी में मास्टर डिग्री की। साथ ही उन्होंने मनोविज्ञान में मास्टर्स और पीएचडी भी कर रखी है। इसके बाद उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया विवि के आर्टस कॉलेज में एक व्याख्याता के रूप में अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। पूर्णकालिक राजनीति में प्रवेश करने से पहले जोशी उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर थे।
राजनीतिक जीवन की ऐसे हुई शुरूआत
15 वीं लोकसभा में भीलवाड़ा से सांसद रहे कांग्रेस नेता डॉ जोशी ने 2014 का लोकसभा चुनाव जयपुर (ग्रामीण) सीट से लड़ा था। जहां पर वह भाजपा के राज्यवर्धन सिंह राठौर से हारे थे।वह लोकसभा के पहली बार सदस्य होने के बावजूद 22 मई 2009 को भारत के नए मंत्रिमंडल के पहले 19 सदस्यों में से एक थे। जोशी सड़क परिवहन और राजमार्ग और रेलवे के पूर्व मंत्री रहे है। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य भी है। 1973 में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष चुने जाने वाले डॉ जोशी नाथद्वारा विधानसभा से 1980 और 1985, 1998 और 2003 में विधायक चुने गए। कहा जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया ने डॉ सीपी को सक्रिय राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया था। डॉ जोशी ने केबिनेट मंत्री के रूप में पंचायती राज, शिक्षा, ग्रामीण विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, नीति नियोजन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला है।
एक वोट से हार गए थे चुनाव
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे डॉ सीपी जोशी 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के कल्याण सिंह चौहान से महज एक वोट से हार गए थे। वह एक वोट से विधानसभा चुनाव हारने वाले भारतीय चुनाव इतिहास के दूसरे व्यक्ति है। इससे पहले 2004 के विधानसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के संचेमरहल्ली निर्वाचन क्षेत्र में आर ध्रुवनारायण के खिलाफ एकल मत से हारने वाले पहले उम्मीदवार ए आर कृष्णमूर्ति थे।
Published on:
16 Jan 2019 01:58 pm
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