
मुकेश हिंगड़/उदयपुर. उदयपुर की पहली महिला कलक्टर के रूप में श्रीमती आनंधी का नाम रहेगा। सरकार की ओर से मंगलवार को जारी तबादला सूची के बाद आनंधी ने रात को फैक्स के जरिए ज्वाइनिंग दी क्योंकि बुधवार से मतदाता सूचियों के प्रारूप का प्रकाशन होना है। इससे पहले आनंधी राजसमंद जिला कलक्टर रह चुकी है, लेकिन उनका तीन माह में ही तबादला हो गया। बताते हैं कि उन्होंने वहां विकास योजनाओं से लेकर अन्य कार्यों में कोताही बरतने वाले वाले अधिकारियों व कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी शुरू की। जनप्रतिनिधियों से भी उनकी पटरी नहीं बैठी। ऐसे में फिर उनका तबादला राजसमंद से जल्द ही करवा दिया गया। नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग भी रात को ही रिलीव हो गए।
जानिए अपनी कलक्टर को
- 2007 के बैच की है, जिसमें बिष्णुचरण मल्लिक भी रहे।
- तमिलनाडु की रहने वाली है।
- एलएलबी कर चुकी है यानी कानून की जानकारी है।
- राजसमंद, सवाईमाधोपुर व बूंदी कलक्टर रह चुकी है।
- पहली पोस्टिंग उपखंड अधिकारी जोधपुर के रूप में हुई, जहां करीब एक वर्ष तक रहीं।
विकास में कोताही सहन नहीं होगी
उदयपुर की नई कलक्टर आनंधी के अनुसार राज्य सरकार की मंशा के अनुसार गुड गवर्नेंस पर पूरा जोर रहेगा। विकास योजनाओं का तय समय पर लाभ आमजन को मिले, इसके लिए निरंतर निगरानी रहेगी। विकास कार्यों में कोताही बरतने वाले अफसरों व कार्मिकों के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया जाएगा। उदयपुर एक खूबसूरत शहर है। झीलें इसकी पहचान है, यह पहचान और निखरें, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे। स्मार्टसिटी की स्मार्टनेस बढ़ाने के लिए नगर निगम के साथ मिलकर ठोस प्लानिंग की जाएगी। यह आदिवासी अंचल है, ऐसे में जनजाति क्षेत्रीय विकास की योजनाओं का आदिवासियों को लाभ मिले, इसकी सतत निगरानी रखी जाएगी। विशेषकर ग्रामीण इलाकों पर मॉनिटरिंग रखी जाएगी कि उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल रहा है या नहीं।
Updated on:
27 Dec 2018 11:38 am
Published on:
26 Dec 2018 04:52 pm
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