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देना था जीत का मंत्र, फोकस किया राहुल पर!

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन को राहुल गांधी पर ही केंद्रित कर दिया। वे मोदी सरकार को घेरते नजर आए, साथ ही राहुल गांधी के परिवार के बलिदान को बार-बार याद दिलाते रहे

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Ashok Gehlot

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अभिषेक श्रीवास्तव

उदयपुर में पिछले सप्ताह हुआ कांग्रेस का संभाग स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन काफी चर्चा में रहा। मंच से लेकर बयान तक के सियासी मायने निकाले गए। इस सम्मेलन में टिकट के दावेदारों की भरमार दिखी। एक अनार सौ बीमार की तर्ज पर अकेले उदयपुर में ही एक दर्जन से अधिक चेहरे मंच पर आसीन अपने आकाओं के आसपास मंडराते दिखे। एकाध चेहरे ऐसे भी थे, जो दूसरे स्थान से आकर अपना आधिपत्य जमाकर बैठ गए और स्थानीय टिकटार्थियों की बीपी बढ़ा गए। सम्मेलन का उद्देश्य कांग्रेस की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना था, कार्यकर्ताओं को चुनाव में जीत का मंत्र देना था और तैयारी भी इसी हिसाब से की गई थी। हालांकि इसी दौरान सीएम तक मैसेज पहुंचा कि राहुल गांधी पिक्चर से गायब हो रहे हैं और मीडिया इस पर सवाल खड़ा करेगा। फिर आनन-फानन राहुल गांधी को लेकर रणनीति बदली। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन को राहुल गांधी पर ही केंद्रित कर दिया। वे मोदी सरकार को घेरते नजर आए, साथ ही राहुल गांधी के परिवार के बलिदान को बार-बार याद दिलाते रहे।
उधर, जिलों और संभाग के गठन के बाद से कांग्रेस नेता जोश में है। मेवाड़-वागड़ में अपने नेताओं को श्रेय देते हुए स्वागत सत्कार के कार्यक्रम लगातार आयोजित हो रहे हैं। डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा को नगर पालिका बनाने के बाद राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। चौरासी के बीटीपी विधायक राजकुमार रोत ने खुलकर नए पालिका गठन का विरोध किया है। कांग्रेस के नेताओं ने प्रदेश के एसटी वर्ग का 50% आरक्षण टीएसपी को दिलाने व आरएएस, आरजेएस सहित अन्य प्रशासनिक सेवाओं में युवाओं को मौका देने की मांग उठा दी है। इन नेताओं ने बेणेश्वर धाम में रणनीति बनाई। बैठक में पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा, पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
भाजपा की बात करें तो नए प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी नियुक्ति के बाद मेवाड़ में अपने गृहनगर के दौरे पर रहे। जगह-जगह उनका स्वागत किय़ा गया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर जमकर निशाना साधा। चुनाव को ध्यान में रखकर भाजपा महिला मोर्चा ने भी ताकत झोंक दी है। संगठन लगातार जागरुकता कार्यक्रम चला रहा है। हालांकि नए नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर स्थानीय पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।