
उदयपुर . अजमेर विद्युत वितरण निगम से जुडे़ विभिन्न संगठनों ने मंगलवार को प्रबन्ध निदेशक को ज्ञापन देकर कर्मचारियों की जानमाल की सुरक्षा एवं हाल ही गोगुंदा और देवगढ़ में हुई घटनाओं के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
श्रमिक संघ इंटक एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन ने प्रबन्ध निदेशक को दिए ज्ञापन में निगम के कर्मचारियों की सुरक्षा, निजीकरण रोकने एवं अन्य समस्याओं का उल्लेख किया है। बैठक में सभी संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने निगमकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रबंध निदेशक को ज्ञापन दिया गया। अजमेर विद्युत वितरण निगम श्रम संगठन के संरक्षक भरत किशोर सुवालका ने बताया गया कि राजसमन्द के देवगढ़ में सतर्कता दल एवं उदयपुर के गाोगुन्दा में जीएसएस पर हुए जानलेवा हमले एवं लूट को देखते हुए निगमकर्मियों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय किए जाए। महामंत्री विजयसिंह बाघेला ने एमबीसी एफआरटी आदि से निगम का निजीकरण करने के प्रयासों का विरोध किया एवं फीडर इंचार्ज को स्वतंत्र रूप से बकाया वसूली के लिए क्षेत्र में नहीं भेजने के लिए कहा गया।
कार्यक्रम में अविविनि श्रमिक संघ उदयपुर वृत के अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह राठौड़, लालसिंह पंवार, राजकुमार शर्मा, भा.म.स. के महामंत्री गजेन्द्र सिंह राणावत, सहमहामंत्री प्रतिकसिंह राणावत आदि उपस्थित थे। इधर बिजली कर्मचारी संघ (इंटक), प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फेडरेशन राजस्थान (इंटक) ने भी ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर सज्जनसिंह बम्ब, एके झा, प्रमोद सोनी, रामभरोसे मीणा, नवीन सोनी, विमल जैन, नवरतन नागदा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
जेईएन के विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति का भी मामला दर्ज
उदयपुर. किसान से घूस लेते गिरफ्तार आरोपित कनिष्ठ अभियंता कैलाश गौतम के विरुद्ध एसीबी ने आय से अधिक सम्पत्ति का भी अलग से मामला दर्ज किया। एसीबी की इंटेलीजेंस टीम प्रभारी राजीव जोशी ने गत 18 नवम्बर2017 को झल्लारा स्थित पावर स्टेशन में नियुक्त गणेशनगर, जयपुर हाल सलूूम्बर निवासी कनिष्ठ अभियंता कैलाश पुत्र सालिगराम गौतम एवं झल्लारा निवासी तकनीकी हेल्पर नाथ पुत्र भीमजी पटेल को सीपुर, झल्लारा निवासी डेंगाजी पटेल से पांच हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। परिवादी व अन्य किसानों ने एसीबी में शिकायत कर आरोप लगाया था कि सरकारी शुल्क जमा होने के बावजूद आरोपित उन्हें बिजली कनेक्शन नहीं दे रहे थे। गिरफ्तारी के बाद ब्यूरो ने जेईएन के सलूम्बर स्थित किराए के आवास की तलाशी ली तो वहां पर उन्हें अलग-अलग जगह पर 8.17 लाख रुपए नकद व बैंक के दो खातों मेंं से एक में 1.74 लाख रुपए मिले। ब्यूरो टीम ने जेईएन के विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति का अलग से मामला दर्ज किया। ब्यूरो अधिकारियों ने बताया था कि कैलाश गौतम फरवरी माह में विवाह है वह गरीब व किसानों से रिश्वत लेकर पैसा इकट्ठा कर रहा था। उसने यह राशि आवास पर रखे गद्दे के नीचे, तकिये में एवं अलमारी में पुराने जूतों के अंदर छिपाई थी।
Published on:
10 Jan 2018 03:27 pm
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