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सरकार ने नौ अध्यापकों पर खर्चे लाखों, दसवीं में 21 में से 2 विद्यार्थी ही उत्तीर्ण, जानें पूरी कहानी

राआउमावि बिच्छीवाड़ा के हाल

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bad school record in Govt sr sec school bichhiwada

Exam for the examination in the residential school today

फलासिया. लाखों रुपए प्रतिमाह वेतन उठाने के बावजूद राजकीय आर्दश उच्च माध्यमिक विद्यालय बिछीवाड़ा के शिक्षक दसवी बोर्ड में 18 बच्चों की नैया डुबो बैठे। इस विद्यालय में दसवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम महज 9.52 फीसदी रहा। 21 में से महज दो ही विद्यार्थी पास हुए, जबकि एक पूरक आया। विद्यालय में विभिन्न विषयों के व्याख्याता सहित 9 का स्टाफ होने के बावजूद खराब परिणाम चिंताजनक है। झाड़ोल उपखण्ड क्षेत्र में सबसे कम परिणाम इसी स्कूली का रहा है। इस विद्यालय का गत साल का परीक्षा परिणाम 95 फीसदी था। बच्चों के फेल होने का कारण ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका और स्टाफ की आपसी खींचतान को बताया है।


हालांकि विद्यालय प्रशासन स्कूल का परीक्षा परिणाम 35 फीसदी बता रहा है। जिसमें व्यावसायिक शिक्षा जोड़ी गई है, जबकि शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि 10वीं में व्यावसायिक शिक्षा के अंक जुड़ते ही नहीं है।


कार्रवाई नहीं होती.....
कम परीक्षा परिणाम देने वाले संस्था प्रधान और शिक्षकों के खिलाफ संयुक्त निदेशक और निदेशक स्तर पर कारण बताओं नोटिस जारी होते हैं लेकिन सत्र 2016-17 में खराब परिणाम देने वालों को अब नोटिस जारी हुए थे। ऐसे में समय पर कार्रवाई नहीं होने से बच्चों को पढ़ाने के प्रति शिक्षक गंभीरता बरतना छोड़ चुके हैं। इसी का कारण है कि कुछ स्कूलों का परिणाम शर्मनाक रहा।