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VIDEO: उदयपुर में ये बंगाली प्रसूता नहीं बता पाई अपनी पहचान, नवजात को जन्म तो दिया मगर दर्द साझा करने में असमर्थ

उदयपुर .प्रसूता हिंदी भाषा नहीं समझ पाने से जवाब नहीं दे पा रही है जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही है।

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Bengali women gave birth a boy in ananya express udaipur

उदयपुर . वह सबको सुनकर भी मौन है। बोलना आता है लेकिन जवाब नहीं देकर सबको आश्चर्यचकित होकर देख रही है। खुद का नाम बोलने में भी हिचकिचाहट बनी हुई है। उसे ऐसा लग रहा है कि भारतीय रेलवे में पुत्र को जन्म देकर उसने मानों कोई अपराध कर दिया है। आलम यह है कि प्रसव के दर्द को स्त्री रोग विशेषज्ञों एवं स्टाफ से साझा करने में भी वह असमर्थ है।


कुछ ऐसा ही हाल है उदयपुर के पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय के वार्ड एक में भर्ती एक प्रसूता का। शनिवार रात को अनन्या एक्सप्रेस में प्रसव दर्द के बाद नवजात को जन्म देने की सूचना पर उदयपुर रेलवे स्टेशन पुलिस की सूचना पर रोगी वाहन 108 से उसे चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रसूता हिंदी भाषा नहीं समझ पाने से जवाब नहीं दे पा रही है जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही है।

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हॉस्पिटल रिकॉर्ड में उसकी पहचान जया नाम से की गई, लेकिन पति और मूल स्थान निवास के बारे में प्रसूता किसी को कुछ भी नहीं बता पा रही। पुलिस भी प्रसूता को सकुशल उसके क्षेत्र में भेजने के लिए रविवार को पूरे दिन प्रयास करती रही, लेकिन देर शाम तक नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। प्रसूता के साथ डेढ़ वर्षीय दूसरे बच्चे की देखभाल का जिम्मा समाज सेवियों ने बीड़ा उठाया।

कयास बंगाली भाषा : प्रसूता ने खुद का नाम कागज पर लिखने की कोशिश की जिसे पढकऱ ‘बेसहारों के मसीहा’ लंबू उर्फ अजीत राय ने बताया कि वह बंगाल में आदिवासी क्षेत्र की महिला है, जो खुद का पता बताने में असक्षम है। खूब प्रयासों के बाद सामने आया कि वह दमदम, ईशपुर, पश्चिम बंगाल की रहने वाली है।

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जुटे समाज सेवी
अज्ञात प्रसूता की जानकारी के बाद कुछ समाजसेवी मौके पर जुटे। किसी ने साड़ी, ब्लाउज और कपड़े खरीद कर दिए तो किसी ने उसके यहां रहने तक भोजन का बंदोबस्त किया। भाषा नहीं समझ पाने के बीच स्टाफ ने युवती को साफ-सफाई एवं स्नान के लिए इशारों का उपयोग कर उसे वार्ड में यथास्थान पहुंचाया। इधर, थाने के स्टाफ ने भी प्रसूता से आवश्यक जानकारी जुटाने के प्रयास किए।

पुलिस की बढ़ी मुश्किलें

इस घटनाक्रम ने हाथीपोल थाना पुलिस की भी मुश्किलें बढ़ा दी है। पुलिस उलझन में है कि प्रसूता को कहां और किसके साथ भेजे। स्थिति देर शाम तक स्पष्ट नहीं हुई तो पुलिस ने जनाना चिकित्सालय प्रशासन को अज्ञात प्रसूता की पहचान पूछी। अब हाथीपोल थाना पुलिस मामले में जीआरपी पुलिस से संपर्क कर रही है।

जुटा रहे हैं जानकारी

प्रसूता की पहचान जया के तौर पर हुई है। उसके साथ डेढ़ वर्ष आयु का एक और बच्चा है। ट्रेन के रूट से उसके मूल स्थान का पता लगाया जा रहा है। जीआरपी से भी संपर्क साधा हुआ है।
डालचंद, चौकी प्रभारी, हॉस्पिटल चौकी