
उदयपुर. पिछले चार साल से कागजों में चल रहे भटेवर-चारभुजा वाया मावली मार्ग की बिगड़ी सेहत सुधारने के लिए सरकार ने 18.20 करोड़ रुपए का चुग्गा दिया है। पूरी परियोजना (राजमार्ग पर टू-लेन मय पेव्ड शोल्डर) के लिए करीब 869 करोड़ रुपए की लागत डीपीआर में आंकी गई है। मौजूदा खस्ताहाल मार्ग पर 66 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए भी निविदाएं प्रक्रियाधीन बताई जा रही है, लेकिन इसे टू लेन में बदलकर कायाकल्प करने की गति बेहद धीमी है।
बताया गया केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-162 भटेवर से चारभुजा वाया मावली, नाथद्वारा, कुम्भलगढ़ किमी. 0/0 से 142.08 में से 66 किमी के नवीनीकरण के लिए 18.20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, जिसकी निविदाएं भी प्रक्रिया चल रही है। राजमार्ग की चौड़ाई बढ़ाने के लिए (2 लेन) के प्रस्ताव (तकमीना) पैकेज-1 के लिए 452 करोड़ रुपए एवं पैकज-2 के लिए 315 करोड़ रुपए क्षेत्रीय कार्यालय को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त 34 किमी हिस्से को ठीक करने के लिए 16 करोड़ के प्रस्ताव भी केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) प्रेषित किए हैं।
गौरतलब है कि राज्य के ऐतिहासिक धार्मिकस्थल चारभुजाजी और नाथद्वारा को जोड़ते हुए चारभुजा-भटेवर के लिए करीब 142 किलोमीटर लंबे हिस्से पर मेगा हाइवे निर्माण की परियोजना की नींव चार साल पहले रखी गई थी। पीडब्ल्यूडी-एनएच विभाग, पाली को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया था। यह कॉरिडोर धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके निर्माण को लेकर गति बेहद धीमी है। राजसमंद और उदयपुर जिले की सीमा में आ रहे इस मेगा हाइवे के अलग-अलग हिस्सों के टेण्डर, भूमि अधिग्रहण को लेकर लम्बे समय से प्रक्रिया अटकी हुई है।
- यहां से गुजरेगा मार्ग
दो फेज में बनने वाले हाइवे के पहले चरण में 0 से 89 किलोमीटर चारभुजा से निचली ओडन तक और दूसरे चरण में निचली ओडण से भटेवर तक 90 से 142 किमी मेगा हाइवे निर्माण 10 मीटर चौड़ा 2 लेन का होगा। इस पर टोल प्लाजा भी लगेगा। उदयपुर जिले की वल्लभनगर व मावली तथा राजसमंद जिले की नाथद्वारा तथा कुंभलगढ़ तहसील के 20 कस्बे आ रहे हैं। चारभुजा से रिछेड़, धोला की ओड, मजेरा, केलवाड़ा, लखमावतों का गुड़ा, बरवाड़ा, लोसिंग, कालोड़ा, हल्दीघाटी, खमनोर, टांटोल, निचली ओडन, उपली ओडन, जावड़, थामला, मोगाना, मावली, वल्लभनगर होते हुए भटेवर तक मार्ग बनेगा। पहले हाइवे पर 412 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान था, जो अब दोगुने से ज्यादा होकर 869 करोड़ बताया जा रहा है।
- पेचवर्क से चल रहा काम
पूरा रास्ता टूटा पड़ा है। एक से डेढ़ फीट तक गहरे गड्ढे भी हैं। कई हादसे हो चुके हैं। दोनों जिलों में सार्वजनिक निर्माण विभाग बार-बार इस मार्ग पर पेचवर्क करवाकर काम चला रहा है, जबकि पूरे मार्ग को नया बनाने की जरूरत है। इस मार्ग से कई ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल जुड़े हैं, वहीं खनन इलाकों से भी यह रास्ता गुजर रहा है। ऐसे में भारी वाहनों का भारी दबाव रहता है। कई गांवों से गुजरने के कारण इस पर लोकल ट्रैफिक भी है।
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मैंने अतिरिक्त मुख्य सचिव से जयपुर में मुलाकात कर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर चर्चा की है। फिलहाल मौजूदा मार्ग की मरम्मत उन्होंने 18.20 करोड़ की मोर्थ से स्वीकृति का पत्र मुझे दिया है।
दीया कुमारी, सांसद, राजसमंद
Published on:
30 Jan 2020 12:40 pm
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