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प्रदूषण कम करेगा हाई क्वालिटी का फ्यूल बीएस 6 -डॉ संजीवसिंह

अप्रेल से पूरे देश में बीएस-6 पेट्रोलियम, बढ़ेगी पेट्रोलियम दरें

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प्रदूषण कम करेगा हाई क्वालिटी का फ्यूल बीएस 6 -डॉ संजीवसिंह

प्रदूषण कम करेगा हाई क्वालिटी का फ्यूल बीएस 6 -डॉ संजीवसिंह

पंकज वैष्णव/उदयपुर . आईओसी के चेयरमैन डॉ संजीवसिंह ने कहा कि हमारा बीएस (भारत स्टेज), यूरो के स्टेंडर्ड को फोलॉ करता है। स्टेंडर्ड को हासिल करने के लिए गाडिय़ों के डिजाइन को सुविधाजनक करना पड़ता है और उसके लिए मेचिंग ईंधन होना चाहिए। यूरो-4 के समान भारत में बीएस-4 को वर्ष 2010 में लागू करना शुरू किया था। एक अप्रेल 2017 तक पूरे देश में बीएस-4 लागू हो पाया। देश में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए तीन साल में (2017 से 2020 तक) बीएस-4 से बीएस-6 लाया जाएगा। ऑटो इंडस्ट्री ने गाडिय़ों के मॉडिफिकेशन के लिए काम किया। रिफाइनरी ने बीएस-6 गुणवत्ता का ईंधन बनाने का काम किया। भारत के अलावा किसी भी देश में इतना बड़ा बदलाव तीन साल में नहीं किया गया। इसके लिए इंडियन ऑयल ने 17 हजार करोड़ का खर्चा किया। पब्लिक सेक्टर की ऑयल कंपनियों ने करीब 35 हजार करोड़ का खर्चा किया। जनवरी के शुरू से ही हमारी रिफाइनरीज ने बीएस-6 बनाना शुरू कर दिया है। इसमें सल्फर लेवल 10 पीपीएम (पाट्र्स पर मिलियन) होता है। दुनिया में ऑटो इंधन का यह सर्वोत्तम स्तर है। पूरे देश में 1 अप्रेल से बीएस-6 ही मिलेगा। यह डीजल-पेट्रोल दोनों में लागू होता है। हमारे वितरण में काफी हद तक बीएस-6 आ चुका है।

चेयरमैन डॉ. सिंह ने कहा कि दरें बढ़ेगी, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। इस पर काम कर रहे हैं। असामान्य स्थिति तो नहीं होगी। यह एक यात्रा है, जिसकी शुरुआत कहीं न कहीं से तो करनी पड़ेगी। जब पर्यावरण की बात है तो सभी को शामिल होना पड़ेगा। हमें साफ हवा भी चाहिए और कुछ करना नहीं चाहें, ऐसा तो नहीं होगा। सभी को सहयोग देना होगा। अच्छा तो यह होगा कि गाड़ी चलानी है तो बीएस-6 खरीदें।

क्या है बीएस-6
डॉ. सिंह ने बताया कि बीएस-6 में सल्फर लेवल बहुत कम होता है। बीएस-4 में 50 पीपीएम है, बीएस-6 में 10 पीपीएम है। बीएस-6 इंजन होंगे तो बेहतर परिणाम देंगे। देश में बीएस-6 ही ईंधन मिलेगा, नए वाहनों के लिए चिंता नहीं। बीएस-4 वाहनों में भी नुकसान नहीं है। फायदा कम होगा, लेकिन नुकसान नहीं होगा। अभी तक डिपो टर्मिनल बीएस-6 कर चुके हैं। जहां खपत कम है, वहां बीएस-6 आने में समय लगेगा। टेस्टिंग चल रही है। अभी तक 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। 31 मार्च तक सभी हो जाएंगे। वर्ष 1901 में चली रिफायनरी से ही बीएस-6 बनाने की शुरुआत की गई। हमारी रिफायनरी अपग्रेट है, ये दुनिया में सबसे अच्छी है।


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