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2019 में प्रत्याशियों ने खर्च किए 27 करोड़, 11 ने नहीं दिया विवरण

राजस्थान में लोकसभा चुनाव को लेकर प्रथम चरण का सियासी मैदान सजकर तैयार है और दूसरे चरण की लोकसभा सीटों पर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
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2019 में प्रत्याशियों ने खर्च किए 27 करोड़, 11 ने नहीं दिया विवरण

2019 में प्रत्याशियों ने खर्च किए 27 करोड़, 11 ने नहीं दिया विवरण

मधुसूदन शर्मा
Loksabha Election 2024:
राजस्थान में लोकसभा चुनाव को लेकर प्रथम चरण का सियासी मैदान सजकर तैयार है और दूसरे चरण की लोकसभा सीटों पर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। निर्वाचन आयोग ने इस पर प्रत्याशियों की खर्च की सीमा 95 लाख रुपए तय की है। इस राशि में ही प्रत्याशियों को चुनाव लड़ना होगा। वैसे देखा जाए तो ये राशि लगतार बढ़ती ही जा रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किए आंकड़ों पर गौर करें तो राजस्थान में 2019 के लोकसभा चुनाव में 249 प्रत्याशी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इसमें से 238 प्रत्याशी ऐसे रहे जिन्होंने चुनाव के दौरान किए गए खर्च का विवरण निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत किया। लेकिन 11 प्रत्याशी ऐसे थे जिन्होंने आयोग को खर्च विवरण ही प्रस्तुत नहीं किया। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रत्येक प्रत्याशी ने औसत खर्च 11 लाख 72 हजार 711 रुपए खर्च किए। वहीं इन सभी प्रत्याशियों की राशि को जोड़ा जाए तो राजस्थान में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने कुल 27 करोड़ 91 लाख 5 हजार 204 रुपए खर्च किए हैं। इधर जयपुर लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां 24 प्रत्याशियों ने कुल 15 करोड़ 4 लाख 69 हजार 318 रूपए खर्च किए।

1996 के बाद तेजी से बढ़ी खर्च राशि

जानकारी के अनुसार पहले लोकसभा चुनाव के दौरान ये राशि 25 हजार रूपए तय थी। लेकिन जैसे-जैसे मतदाता बढ़े, महंगाई बढ़ी राशि में भी बढोतरी होती गई। लेकिन 1996 में खर्च राशि में बढोतरी की गई। इस वर्ष 4.5 लाख रुपए किए गए। 1998 में ये राशि बढ़कर 15 लाख कर दी गई। 2004 में 25 लाख व 2014 में दोगुनी से ज्यादा 70 लाख रुपए कर दिए गए। अब 2024 में इस राशि को बढ़ाकर 95 लाख रुपए कर दी गई है।

क्या कहता है नियम

आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1991 की धारा 10 (क) के तहत कार्रवाई की है। इसके तहत चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर उम्मीदवारों को चुनाव खर्च की जानकारी देनी होती है। इस निर्धारित अवधि में चुनाव खर्च का लेखाजोखा आयोग को नहीं देने या जानकारी देने का कोई उचित कारण नहीं बताने पर तीन वर्ष की अवधि के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।

2019 में प्रत्याशियों का खर्च विवरण

























































































लोकसभा क्षेत्रप्रत्याशियों का औसत खर्च (राशि लाखों में)लोकसभा क्षेत्रप्रत्याशियों का औसत खर्च (राशि लाखों में)
श्रीगंगानगर1388886नागौर759747
बीकानेर1383015पाली1228081
चूरू953849जोधपुर1277669
झुंझुनूं743129बाडमेर1116733
सीकर1339602जालौर878586
जयपुर ग्रामीण1489723उदयपुर740473
जयपुर644555बांसवाड़ा2315429
अलवर1265802चितौडगढ़़1170771
भरतपुर1454517राजसमंद1121463
करौली-धौलपुर2213924भीलवाड़ा2234926
दौसा1284303कोटा892894
टोंक-सवाईमाधोपुर2042478झालावाड़-बारां1633559
अजमेर1544816कुल 1172711

छह लोकसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने नहीं दिया खर्च विवरण

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में 25 में से 6 लोकसभा क्षेत्र ऐसे रहे। जिन्होंने ये चुनाव के दौरान खर्च राशि का भी विवरण नहीं दिया है। इनमें इनमें सीकर से दो, अलवर से एक, भरतपुर से दो, टोंक-सवाईमाधोपुर से तीन, नागौर से एक और राजसमंद से दो प्रत्याशियों ने खर्च विवरण नहीं दिया है।

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