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jain muni injured news विहार के दौरान कार ने मारी टक्कर, दो जैन मुनि घायल

दोनों जैन मुनियों को पुन: करावली जैन मंदिर में ले जाया गया जहां पर आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोग आक्रोशित होकर कार में तोडफ ोड़ करने लगे

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गींगला (उदयपुर). ससंघ करावली से विहार कर ओरवाडिय़ा की ओर जाते समय शुक्रवार को एक अनियंत्रित कार की टक्कर से दो जैन मुनि घायल हो गए। दोनों जैन मुनियों को पुन: करावली जैन मंदिर में ले जाया गया जहां पर आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोग आक्रोशित होकर कार में तोडफ ोड़ करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश कर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार करावली से शुक्रवार सुबह चतुर्थ पट्टाधीश दिगम्बर जैन आचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ करीब ४० जैन मुनि व माताजी के साथ विहार पर थे। दोपहर में स्टेट हाइवे पर एक कार ने ओवरटेक के प्रयास में अनियंत्रित होकर जैन मुनियों को टक्कर मार दी। टक्कर से मुनि सुकुमाल सागर व मुनि शुद्ध सागर महाराज घायल हो गए। उनके गिरते ही श्रावक दौड़ पड़े और हादसे की खबर पर अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए। दोनों मुनियों को तुरंत ही श्रावक हाथठेला में लिटाकर करावली जैन मंदिर ले गए जहां आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार शुरू किया।

चालक फरार, ग्रामीणों ने की कार में तोडफ़ ोड़

हादसे के बाद कार चलाक कार छोड़ फरार हो गए। इससे आक्र ोशित ग्रामीणों ने ने कार में तोडफ़ ोड कर दी। इस दौरान कुछ देर तक सड़क पर जाम लग गया। सूचना पर गींगला थानाधिकारी तेजकरण सिंह तुरंत जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। बाद में पुलिस ने कार जब्त कर चालक को डिटेन कर लिया।
दूरदराज से जैन श्रावक पहुंचे करावली

जैन मुनियों के हादसे की खबर आसपास सहित दूरदराज क्षेत्रों में भी पहुंच गई जिससे श्रावक, शिष्य करावली पहुंच गए। देर शाम तक आने का क्रम जारी था। वहीं उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर, आसपुर से भी श्रावक पहुंचे तो कई फ ोन से समाचार लेते रहे। कई विशेषज्ञ चिकित्सक भी पहुंचे लेकिन आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जा रहा है। करावली मंदिर से बाहर तक भीड़ रही।
किया णमोकांर मंत्र जाप

आचार्य सुनील सागर महाराज ने करावली में श्रावकों को कहा कि किसी की लापरवाही , असावधानी से हादसा हुआ है जिससे दोनों मुनियों को पीड़ा हो रही है। पीड़ा निवारण के लिए सभी से णमोकार मंत्र जाप करने को कहा। गांवों सहित मंदिरों में जाप, विधान किए गए।