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उदयपुर में मंदिर के दर्शन के साथ ही आचार्यजनों का हुआ चातुर्मास परिवर्तन

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मंदिर के दर्शन के साथ ही आचार्यजनों का हुआ चातुर्मास परिवर्तन

उदयपुर. जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में आयड़ तीर्थ पर वर्षावास समाप्ति के दौरान आचार्य यशोभद्र सूरिश्वर ने शुक्रवार को शत्रुंजय महातीर्थ की भावयात्रा कराई। इसके बाद सभी मंदिरों में सामूहिक चैत्य वंदन करने के पश्चात् गाजे-बाजे चतुर्विद संघ के साथ चातुर्मास परिवर्तन किया।
महासभा के मंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आचार्य ने आयड़ तीर्थ पर चार माह के वर्षावास के दौरान कई धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ कई तप क्रियाओं को पूर्ण कराया। आयड़ तीर्थ पर सभी मंदिरों में सामूहिक दर्शन-वंदन के साथ चैत्य वंदन किया। प्रात: 8 बजे गाजे-बाजे चतुर्विद संघ एवं आदि ठाणा के साथ चातुर्मास परिवर्तन के लिए रवाना हुए। उपनगरीय क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए न्यू शास्त्री नगर, मधु नर्सरी के पास स्थित श्रावक बसंतीलाल हर्ष कुमार खाब्या के निवास पर पहुंचें, जहां परिवार ने चावल के गहुलिये बनाकर आचार्यश्री आदि ठाणा का स्वागत कर कलश वंदन किया। श्राविकाओं ने मंगल गीत गाए। महासभा के अध्यक्ष तेज सिंह बोल्या, सतीश कच्छारा, अशोक जैन, भोजराज लोढ़ा, भगवती चेलावत सहित सैंकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे।

प्रन्यास प्रवर ने किए मंदिर दर्शन
जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के तत्वावधान में आराधना भवन में चातुर्मास कर रहे पन्यास प्रवर श्रतु तिलक विजय आदि ठाणा-60 ने शुक्रवार सुबह सामूहिक चैत्य वंदन एवं लोगस्स का जाप करने के बाद गाजे-बाजे चतुर्विद संघ के साथ सीसारमा स्थित पगल्या मंदिर पहुंचकर चातुर्मास परिवर्तन किया। संघ के कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया ने बताया कि मालदास स्ट्रीट आराधना भवन से पन्यास प्रवर आदि ठाणा एवं सैंकड़ों श्रावक-श्राविकाओं के साथ चातुर्मास परिवर्तन के लिए गाजे-बाजे रवाना हुए। सीसारमा गांव में स्थित आदिनाथ पगल्या जी मंदिर पहुंचे जहां पर सामूहिक रूप से चैत्य वंदन कर दर्शन, वंदन किया गया। महिला मंडल की बहनों द्वारा 70 भेदी पूजा पढ़ाई गई एवं मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाई गई। संघ के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र हिरण ने बताया कि मंदिर में शत्रुंजय तीर्थ का पाट लगाया गया उस पाट पर पन्यास प्रवर ने मंदिर में मौजूद सैंकड़ों श्रावक-श्राविकाओं को एक स्थान पर बैठे-बैठे ही शत्रुंजय तीर्थ की भाव यात्रा कराई।

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रूप रजत दरबार में डॉ. शिव मुनि
नाकोड़ा ज्योतिष संस्थान में आचार्य डॉ. शिव मुनि आदि ठाणा के साथ शनिवार को प्रवेश करेंगे। संस्थान के संस्थापक ज्योतिषाचार्य कान्तिलाल जैन ने बताया कि डॉ. शिव मुनि, युवाचार्य महेन्द्र ऋषि, प्रमुख मंत्री शिरिश मुनि, सहमंत्री शुभम मुनि आदि ठाणा शनिवार प्रात: ८.३० बजे अशोक नगर स्थित नाकोड़ा ज्योतिष संस्थान के रूप रजत दरबार में प्रवेश करेंगे।

मंगलभावना एवं तपस्वी सम्मान समारोह
तेरापंथ धर्मसंघ अनुशासित धर्म संघ है। संघनिष्ठा, अनुशासन, मर्यादा, तपस्या इसकी निजी पहचान है। अनुशासन की बिसात पर ही तेरापंथ अलग पहचान बना चुका है। साध्वी गुणमाला ने ये विचार शुक्रवार को तेरापंथ भवन में चातुर्मास संपन्नता पर आयोजित मंगल भावना एवं तपस्वी सम्मान समारोह में व्यक्त किए। साध्वी लक्ष्यप्रभा, साध्वी प्रेक्षाप्रभा ने भी मौके पर धर्मप्रेमियों को प्रेरणा प्रदान की।
तपस्वी मोहनलाल बम्ब, सुशीला वर्डिया के मासखमण की तपस्या पर सभा के सरंक्षक शांतिलाल सिंघवी, अध्यक्ष सूर्यप्रकाश मेहता, उपाध्यक्ष अर्जुन खोखावत, महिला मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी कोठारी, तेयुप अध्यक्ष विनोद चंडालिया, टीपीएफ अध्यक्ष चंद्रेश बापना, अणुव्रत समिति के गणेश डागलिया ने तपस्वियों का अभिनंदन पत्र भेंट कर, उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया गया। महिला मंडल, ज्ञानशाला की बहनों एवं थली परिषद ने भी भावनाएं व्यक्त की। महासभा कार्यसमिति सदस्य धीरेंद्र मेहता, प्रकाश धाकड़, पारस चौधरी, तपस्वी रेखा जैन एवं अन्य ने भी विचार व्यक्त किए।