2 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Udaipur: 3 गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप, 170 एकड़ खेत से मिली 275 करोड़ की हैरान कर देने वाली चीज

उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र के तीन गांवों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए 170 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ है।

less than 1 minute read
Google source verification
Udaipur Opium Farming Bust, NCB Raid in Rajasthan, Kotra Opium Cultivation Case, 275 Crore Opium Seizure, Rajasthan Anti Narcotics Action, ANTF Operation Rajasthan, Udaipur Police Joint Raid, Illegal Opium Farming India, 170 Acre Opium Field, Five Lakh Opium Plants Destroyed, NDPS Act Case Rajasthan, Rajasthan Drug Crackdown News, Samoli Khuna Pipli Raid, Narcotics Control Bureau Jodhpur, Operation Antasphot Rajasthan

खेतों में जांच करती टीम। फोटो- पत्रिका

उदयपुर/जोधपुर। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर, राज्य की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और उदयपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन ‘अंत:स्फोट’ के तहत उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र के तीन गांवों में 170 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती पकड़ी। उच्च गुणवत्ता वाली अफीम के करीब पांच लाख पौधे उखाड़कर नष्ट किए गए। इन पौधों से बाजार में लगभग 275 करोड़ रुपए की अफीम आने की आशंका थी।

एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी ने बताया कि उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र के सामोली, खूणा और पीपली गांव में भारी मात्रा में अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। एएनटीएफ ने इसकी जानकारी एनसीबी को दी। जांच में सूचना सही पाई गई।

अफीम के पौधे पाए गए

इसके बाद एनसीबी, एएनटीएफ और उदयपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कोटड़ा क्षेत्र के सामोली, खूणा और पीपली गांव में एक साथ दबिश दी, जहां 170 एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे पाए गए। तीनों एजेंसियों ने मिलकर करीब पांच लाख अफीम के पौधे नष्ट किए। फिलहाल पौधों को नष्ट करने और पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है।

एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू

इस संबंध में उदयपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। एनसीबी के अनुसार, तीनों स्थानों पर 170 एकड़ खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। यहां नष्ट किए गए करीब पांच लाख पौधों से 275 करोड़ रुपए की अफीम की उपज हो सकती थी।