
एआई तस्वीर
उदयपुर। भाजपा नेत्री के वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार कांड को लेकर पिछले तीन सप्ताह से उदयपुर भाजपा सकते में है। भाजपा नेत्री से जुड़े चर्चित वीडियो कांड के कारण संगठनात्मक और वैचारिक स्तर पर हलचल जारी है।
भाजपा की ‘उदयपुर फाइल्स’ कहे जा रहे वीडियो कांड की शुरुआत 11 फरवरी को केस दर्ज होने के साथ हुई थी। उसी रात हुई कार्रवाई के बाद सभी मान रहे हैं कि पुलिस ने सभी तरह के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए।
भाजपाइयों की ओर से हर मोर्चे पर यही दावा किया जा रहा था कि वीडियो कंटेंट नष्ट कर दिए गए हैं, लेकिन रविवार को पहली बार जानकारी सामने आई कि वीडियो पुलिस के अलावा भाजपा के कुछ लोगों के पास भी हैं। दावा किया गया है कि एक विधायक और एक मंडल पदाधिकारी के मोबाइल में वीडियो लोगों ने देखे हैं। वीडियो में अब तक शहर के प्रमुख पदाधिकारी के होने की बात ही कही जा रही थी, लेकिन अब एक और नेता का नाम जुड़ने की जानकारी मिली है, जो अभी तक खुद को पाक-साफ होने का दावा कर रहे थे।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वीडियो कांड को लेकर पार्टी में चल रही गतिविधियों की निगरानी मुख्यमंत्री स्तर पर की जा रही है। राष्ट्रीय नेतृत्व को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जा चुकी है। मामले में प्रदेश स्तर के कुछ नेताओं के नाम चर्चा में आने से त्वरित और कठोर निर्णय लेने की स्थिति नहीं बन पा रही है।
Updated on:
2 Mar 2026, 4:47 PM IST
Published on:
2 Mar 2026, 4:47 PM IST
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