
मोहम्मद इलियास /उदयपुर. उदयपुर में हिरणमगरी सेक्टर-३ स्थित राधिका चाइल्ड केयर में मासूमों को पालने व उनकी सौदागरी का खुलेआम खेल चल रहा है। इस चाइल्ड केयर सेंटर की संचालिका को मुंबई पुलिस ने तीन आरोपितों के साथ पकड़ते हुए पूरा खुलासा किया। मुम्बई पुलिस से इसकी पुष्टी के बाद पत्रिका टीम ने मंगलवार रात चाइल्ड केयर पर पड़ताल की तो वहां दो और मासूम मिले, जिनके बारे में वहां मौजूद लोग स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए, यह बच्चे किसके है और कहां से आए। जांच में सेंटर पर शराब की बोतलें तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिले।
जिस पर वहां मौजूद पुरुष व युवती अलग-अलग बयान देते रहे। यह है मामला मुम्बई की ठाणे पुलिस ने चार मार्च को एक रेस्टोरेंट में जाल बिछाकर एक दम्पती व राधिका चाइल्ड केयर की संचालिका राधिका साहू को पकड़ा। दम्पती ने राधिका के मार्फत पुलिस के एक बोगस ग्राहक को अपने स्वयं के बच्चे का ६ लाख में सौदा किया। पुलिस ने उन्हें नकली नोट थमाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच में पता चला कि दम्पती के पूर्व में दो बच्चे होने के बाद तीसरे का वे सौदा कर रहे थे। मुंबई पुलिस ने तीनों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। न्यायालय ने पूछताद के लिए ९ मार्च तक पुलिस रिमांड पर रखने का आदेश दिया।
उदयपुर. मासूम बच्चों को पालने व उनकी सौदागरी के खेल का भंडाफोड होने के बाद पत्रिका टीम ने मंगलवार देर रात राधिका चाइल्ड केयर में जांच की तो वहां दो और दुधमुंहे मासूम बिलखते हुए मिले। पूछताछ करने पर वहां मौजूद संचालिका का पति व पुत्री कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। मौके पर एक १२ वर्षीय के अन्य बच्ची भी मिले, जो भी असहाय होकर डरी सहमी थी, वह मासूमों को अपने गोद में खिलाते हुए उन्हेंं चुप कर रही थी। उसे सिर्फ आने नाम के अलावा गांव व मां-बाप के नाम का भी पता नहीं चला। टीम को वहां मौके पर संचालिका के पति के साथ ही एक अन्य युवक भी कमरे में मिला, कमरे में वहां तथाकथित कार्यालय व रसोई में शराब की खाली बोतले, आपत्तिजनक वस्तुएं व रिकॉर्ड के नाम पर पेम्पलेट मिले जिसके बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
-- एक मां से बात करवाई लेकिन देर रात तक नहीं आई चाइल्ड केयर में दो बच्चों के बारे में पूछते ही संचालिका के पति व पुत्री पहले हड़बड़ा गए। उन्होंने एक बच्चे के सुन्दरवास क्षेत्र में एक महिला द्वारा रखने की बात कहीं तो दूसरी बच्चे के बारे में गोलमाल जवाब दिया। बच्ची के बारे में बताया कि किसी गांव उसे यहां छोड़ गया, कौनसे गांव की वह बच्ची थी, उसकी मां कौन थी, इसके बारे में वहां किसी तरह कोई रिकॉर्ड नहीं था। कड़ी मशक्कत के बाद संचालिका राधिका साहू के पति बंशीलाल ने सुन्दरवास में बच्ची की तथाकथित मां से बात करवाई।
उसे संचालिका के गिरफ्तार होने व बच्चे के बिलखने की जानकारी दी तब भी वह द्रवित नहीं हुई। वह कहती रही कि मजबूरी में उसे वहां तीन सौ रुपए प्रतिदिन में छोड़ा है लेकिन इतना सब कुछ होनेे के बावजूद वह बच्चे को लेने नहीं आई। उसे बुलाया तो पहले पति के घर पर नहीं होने व बाद में रास्ते के बारे में अनजान होने की जानकारी देती है। सुन्दरवास में वह जहां रह रही है उसके बारे में पूछा तब भी उसने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। इतना ही नहीं वह किसी फर्म में नौकरी करती है उस फर्म का नाम भी उसे पता नहीं था।
-- डोली दीदी के लिए शराब चाइल्ड केयर व वृद्धाश्रम के नियमों के अनुसार स्पष्ट है कि संस्थान मं किसी भी प्रकार का नशा नहीं होगा लेकिन यहां नशा ही नहीं संदिग्ध गतिविधियों भी हो रही थी। मौके पर टीम को रसोई में महंगी शराब की खाली बोतले, कमरे में कंडोम के पैकेट, बाथरूम में आपत्तिजनक वस्तुएं मिली। पूछताछ में बताया कि संस्थान में मुंबई की डोली दीदी डेढ़ साल से यही रहीं है। उसे बचपन से ही शराब का शौक है। मां उसकी डिमांड पूरी करने के लिए शराब रखती है। डोली दीदी यहां कैसे पहुंची, संस्थान से उसका सम्पर्क कैसे हुआ, इसके बारे में कोई जवाब नहीं दे पाए।
Updated on:
07 Mar 2018 12:02 pm
Published on:
07 Mar 2018 11:31 am
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