
खतरा भांपकर खोल देता है कलंगी
मेनार . वल्र्ड विलेज मेनार में हुदहुद पक्षी बहुतायत में दिखता है, गांव के दोनों तालाबों के आस-पास देखा जा सकता है। यह अपने रंगों, चोंच और सिर पर पंखों के मुकुट से आसानी से पहचाना जाता है। देखने में यह कठफोड़वा जैसा भी लगता है। गांव में लोग इसे नाइन चिडिय़ा भी कहकर पुकारते हैं।
बनावट
हुदहुद पक्षी के पैर छोटे और राख के रंग के होते हैं। चोंच लगभग 5 सेमी लंबी घुमावदार, नुकीली और काली होती है। इसके पंख बहुत सुंदर होते हैं। ये नर और मादा एक जैसे ही दिखते हैं। करीब 12 इंच लम्बे हुदहुद के माथे पर कलगी होती है। इस कलगी को क्रेस्ट कहा जाता है। इसके लिए वह अपनी लंबी और नुकीली चोंच जमीन पर मारता है। इसी तरह ये खेती के लिए किसान का मित्र भी कहलाता है। किसी पेड़ के कोटर में ही यह अपना घोंसला बनाता है। मादा हुप्पो 5 या 8 अंडे देती है। फरवरी से अप्रेल में यह अपना घोंसला बनाता है।
खासियत
शोधार्थी उज्ज्वल दाधीच के अनुसार यह पक्षी बार-बार कलंगी को खोलता बंद करता रहता है। ऐसा करते समय बेहद खूबसूरत दिखता है। कलंगी बंद रहने पर लगता है मानो सिर पर पीछे की ओर से दूसरी घुमावदार चोंच हो। उत्तेजित होने पर या घबराहट होने पर यह कलंगी खोलता है। हुदहुद मैदानों और अधिक ऊंचाई तक के पहाड़ों का पक्षी है। यह जमीन पर भी तेज दौड़ सकता है, लेकिन ज्यादा दूर तक नहीं। जमीन में छिपे कीड़े का भोजन करता है। रहने के लिए खुले और कम झाडिय़ों वाले घास के मैदान, खेत, धूल भरी जगह पसंद है। इसकी आवाज में जैसा उच्चारण निकलता है, उसी तरह का इसका नाम है। साल 2008 में एक लाख 55 हजार लोगों के बीच किए सर्वे के बाद तत्कालीन इजराइल राष्ट्रपति शिमोन पेरेज ने देश की 60वीं सालगिरह पर इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था।
Published on:
16 Jan 2020 02:03 am
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