
अगर ऐसा हुआ तो बिना चुनाव के ही उदयपुर नगर निगम में बढ़ जाएंगे कांग्रेस के पार्षद
मुकेश हिंगड़/उदयपुर. प्रदेश में भाजपा की हार के बाद हुई विदाई के साथ ही अब शहरी सरकारों में भी भाजपा के मनोनीत पार्षदों की छुट्टी जल्द होने वाली है। उदयपुर नगर निगम की ही बात करें तो भाजपा की सरकार बदल कांग्रेस की सरकार बदलना कांग्रेस के लिए वरदान का काम करेगी क्योंकि यहां कांग्रेस की संख्या बहुत कम है, लेकिन नए मनोनयन के बाद कांग्रेस का कुनबा बढ़ जाएगा। पूववर्ती भाजपा सरकार ने नगर निगम उदयपुर में 6 जनों का पार्षद के लिए मनोनयन किया था। साथ ही भाजपा के बोर्ड में अब प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही इनके मनोनयन पर खतरा मंडरा रहा है। वैसे सरकार इशारा कर चुकी है, लेकिन स्वायत्त शासन विभाग से आदेश निकलने के साथ ही इन पार्षदों का मनोनयन निष्क्रिय हो जाएगा। इसके बाद कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को इन पदों के लिए मनोनीत करेगी, जिससे निगम में कांग्रेस का कुनबा बढ़ जाएगा। वैसे कांग्रेस की ओर से जोर दिया जा रहा है कि यह मनोनयन लोकसभा चुनाव से पहले कर दिया जाएगा तो इसका फायदा जरूर मिलेगा।
गणित भी बदली
इस बोर्ड में निर्वाचित पार्षदों की अंक गणित भी बदल गई है। भाजपा के 49 पार्षद है, वैसे वार्ड 46 के उप चुनाव में हार के बाद यह संख्या 48 हो गई थी। इस बीच वार्ड 32 से कांग्रेस की पार्षद प्रमिला चौधरी भाजपा में शामिल हो गई, जिससे भाजपा की संख्या वापस 49 हो गई। वार्ड 14 से निर्दलीय जीते राशिद खान व वार्ड 44 से निर्दलीय जीती नजमा मेवाफरोश भी कांग्रेस में शामिल हो गई है। वार्ड 46 में भाजपा पार्षद गरिमा पठान के निधन के बाद हुए उप चुनाव में वहां कांग्रेस की शाहिन निशा चुनाव जीती है।
अभी ये मनोनीत पार्षद
भाजपा सरकार की ओर से निगम में सुशील कुमार जैन, महेन्द्रपालसिंह लिखारी, विजय लक्ष्मी कुमावत, दिनेश कल्याण, हेमेन्द्र मालवीय व हरीश चावला को मनोनीत कर रखा है।
अभी पार्षदों की स्थिति
पार्टी पार्षद
भाजपा 49
कांग्रेस 05
अन्य 01
कुल 55
Updated on:
26 Dec 2018 06:58 pm
Published on:
26 Dec 2018 06:01 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
