
उदयपुर. झाड़ोल. उदयपुर जिले के फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य में कई स्थानों पर आग लगी हुई है। वन विभाग की ओर से समय रहते काबू नहीं पाने से आग विकराल रूप ले रही है। इससे बड़ी संख्या में वन सम्पदा को नुकसान होने के साथ कई जीव-जंतु भी काल कवलित हो रहे हैं। हवाओं के साथ जंगल में फैल रही आग ने फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य वन क्षेत्र के डैया वनखंड को चपेट में ले लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आग बुझाने को लेकर वन विभाग के कर्मचारी कोई ठोस कदम उठा नहीं रहे हैं। पर्यावरण संरक्षणकर्ता माता माल हरवानी सृष्टि मंडल के दादूराम वडेरा, रमण भगोरा, राजेंद्र गमार, अजीत कलासुआ, राहुल खराड़ी, बंशीलाल मईडा आदि द्वारा परंपरागत तरीकों से आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।
सृष्टि मंडल के सदस्यों का कहना है कि महुआ संग्रहण के लिए जंगल में जाने वाले लोग दिन-प्रतिदिन आग लगाकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। डैया क्षेत्र में अन्य गांवों के लोग अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से लगातार पेड़ों की कटाई कर आग लगा देते हैं। जिससे आग जंगल में तेजी से फैल जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता धनराज गरासिया ने बताया कि ग्राम पंचायत गुराड़ के बोबरावाड़ा, बुरावाड़ा, ग्राम पंचायत आंजरोली खास व पानरवा के जंगलों में अंधविश्वास के चलते कुछ लोग आग लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने फील्ड में लापरवाही बरत रहे हैं।
Published on:
02 Apr 2025 02:16 am
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