
क्वारंटाइन सेंटर का निरीक्षण करने के दौरान जानकारी लेते आईएएस आशुतोष एटी पेडणेकर
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शहर में लॉकडाउन जब भी खोला जाएगा उसके बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। जैसे ही बाजार व शहर में चहल-पहल एकाएक बढ़ेगी तब कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैले और उसके लिए प्रशासन के साथ-साथ जनता की भी बड़ी जिम्मेदारी होगी, वहीं असली परीक्षा होगी।
यह बात कोरोना महामारी को लेकर उदयपुर जिले की समीक्षा के लिए नियुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं रीको के प्रबंध निदेशक आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने गुरुवार को पत्रिका से बातचीत में कही। पेडणेकर ने कहा कि जब भी शहर में छूट दी जाएगी तब सोशल डिस्टेंस व मास्क की अनिवार्यता पर पूरा फोकस जनता को करना होगा और वहीं हमारी सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी होगा। प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में भी इस विषय पर सजगता व गंभीरता से प्लानिंग करने को कहा है और इसमें जनता भी स्वयं साथ जुड़े। उन्होंने कहा कि जब वे कन्ट्रोल रूम पर निरीक्षण के लिए गए तो उनको बहुत अच्छा लगा कि उदयपुर के लोग बहुत जागरूक है, कोई भी बाहर से पड़ौस में आया तो उन्होंने प्रशासन को सूचित किया। पेडणेकर ने कहा कि उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर का दौरा किया तो वहां क्वारंटाइन हुए लोगों के लिए वाई-फाई सुविधा देने के प्रशासन को कहा ताकि लोगों का समय आराम से निकले।
जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा
उन्होंने कहा कि उदयपुर में कोरोना जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की तैयारी प्रशासन करने जा रहा है। उदयपुर में इस बीमारी के लिए वेंटिलेंटर का उपयोग नहीं करना पड़ा यह अच्छी बात लगी लेकिन जांच की क्षमता को बढ़ाना होगा।
रेड जोन व कफ्र्यू वाले इलाकों में आगे भी नहीं होगी छूट
इधर, जिला प्रशासन की एक समीक्षात्मक बैठक जिला परिषद सभागार में पेडणेकर ने ली। बैठक में सभी संबंधितों ने पूरी रिपोर्ट उनके समक्ष रखी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जब भी लॉकडाउन उदयपुर में खोला जाए तब रेड जोन व कफ्र्यू वाले एरिया को कंटेंटमेंट जोन ही रखा जाए। संक्रमण को रोकने के लिए यह अहम होगा। बैठक में जिला कलक्टर आनंदी, पुलिस अधीक्षक कैलाशचंद बिश्रोई, जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी, नगर निगम आयुक्त अंकित कुमार सिंह, गिर्वा एसडीएम सौम्या झा, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी बुनकर, संजय कुमार, यूआईटी सचिव अरुण कुमार हासिजा, आएसएमएमएल के कार्यकारी निदेशक बालमुकुन्द असावा, जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. दिनेश खराड़ी, आरएनटी प्राचार्य डा. लाखन पोसवाल आदि मौजूद थे। उन्होंने पेसिफिक विश्वविद्यालय हॉस्टल, गीतांजलि डबोक, अरावली इंजीनियरिंग हॉस्टल उमरड़ा, दर्शन डेंटल कॉलेज हॉस्टल स्थित क्वारंटाइन सेंटर का दौरा भी किया। उन्होंने क्वारंटाइन किए लोगों से सवाल-जवाब भी किए।
हॉटस्पॉट कांजी का हाटा भी पहुंचे
उन्होंने कोरोना का हॉटस्पॉट बने कांजी का हाटा, नाइयों की तलाई व अम्बावगढ़ कच्ची बस्ती क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। इससे पूर्व सुबह संभागीय आयुक्त विकास एस भाले से मुलाकात कर कोरोना की स्थिति को लेकर चर्चा की।
Published on:
22 May 2020 11:35 am
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