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‘मधुशालाओं’ को लेकर फिर हलचल…सुप्रीम कोर्ट की रोक के बीच पुलिस ने मांगी 7 दिन में रिपोर्ट

उदयपुर में हाइवे किनारे चल रही शराब दुकानों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बीच पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी थानों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। एसपी कार्यालय ने थानाधिकारियों और वृत्ताधिकारियों को 7 दिन में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
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उदयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 22 Jan 2026, 1:55 PM IST

Udaipur Police

पुलिस ने तलब की हाइवे वाली शराब दुकानों की रिपोर्ट (फोटो-एआई)

Udaipur News: उदयपुर हाइवे किनारे चल रही शराब दुकानों को हटाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बीच पुलिस ने सभी थानों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस मुख्यालय की ओर से मांगी रिपोर्ट के ध्यान में रखते हुए उदयपुर पुलिस ने जिले के सभी थानाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हाइवे किनारे चल रही शराब की दुकानों की तथ्यात्मक रिपोर्ट 7 दिन के भीतर पेश करें। इसके लिए थानाधिकारियों और वृत्ताधिकारियों को पाबंद किया गया है। आदेश में राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर का भी हवाला दिया गया है।

यह दिया गया आदेश

जिला पुलिस अधीक्षक अपराध सहायक की ओर से वृत्त शहर पूर्व, पश्चिम, गिर्वा, कोटड़ा, ऋषभदेव, मावली, वल्लभनगर के नाम आदेश जारी किया गया है। राजस्थान पत्रिका में 28 नवंबर 2025 को प्रकाशित समाचार 'हाइवे किनारे धड़ल्ले से चल रही शराब की दुकानें, सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल, अनदेखी…' का उल्लेख करते हुए 1 दिसंबर 2025 को जारी स्मरण पत्र के बारे में भी बताया गया है।

यह है वर्तमान स्थिति

-सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर शहरी सीमा में स्थित शराब की 1102 दुकानें हटाने या राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की पालना पर हाल ही में रोक लगाई।
-राज्य सरकार के साथ ही शराब की दुकानों के लाइसेंस धारकों की विशेष अनुमति याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया था।
-हाईकोर्ट ने 24 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय-राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की परिधि में आने वाली दुकानों को हटाने या स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।
-कोर्ट ने राजमार्गों के समीप शराब उपलब्धता से बढ़ते हादसों पर चिंता जताते हुए कहा था कि सार्वजनिक सुरक्षा राजस्व नुकसान की चिंता से अधिक अहम है।
-राज्य सरकार की ओर से दलील थी कि हाईकोर्ट ने शराब दुकानों पर पाबंदी को पुनः लागू कर दिया, जो तमिलनाडु मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत है।
-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शहरी सीमा स्थित दुकानों को पाबंदी से बाहर रखा गया था। वहीं, लाइसेंसधारकों की ओर से हाईकोर्ट के आदेश का विरोध किया गया था।