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कोरोना का दांव, सर्दी में सिमटी बीमारियां

- सर्दी का दिखने लगा असर लेकिन टीबी, अस्थमा और सीओपीडी के मरीज हुए कम - कोरोना का असर, निमोनिया के मरीजों की संख्या ज्यादा

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सर्दी का दिखने लगा असर

सर्दी का दिखने लगा असर

भुवनेश पंड्या
उदयपुर. सर्दी का असर अब दिखने लगा है, लेकिन टीबी, अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले बेहद कम नजर आ रही है। हालांकि निमोनिया के मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है। खास बात ये कि पिछले वर्षों के मुकाबले इन बीमारियों के करीब एक तिहाई मरीज कम हो गए हैं। वर्तमान में यदि अस्थमा, सीओपीडी और निमोनिया के मरीजों की बात की जाए तो प्रतिदिन आउटडोर में 25 से 30 मरीज आ रहे हैं, इनमें से ज्यादातर मरीज निमोनिया के हैं, हालांकि उन्हें कोरोना नहीं है या वे नेगेटिव हो चुके हैं। वहीं इंडोर में इन बीमारियों के प्रतिदिन करीब पांच मरीज भर्ती हो रहे हैं, जो संख्या के हिसाब से बेहद कम हैं।

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कोरोना ने बदल दिया गणित

- कोरोना का असर अब इन बीमारियों के मरीजों पर नजर आने लगा है। सामान्यत: अस्थमा, सीओपीडी के मरीजों का गत वर्षों में नियमित ओपीडी 100 मरीज प्रतिदिन के औसत के हिसाब से नजर आता था, जो अब केवल 25 रह गया है। इसमें चिकित्सकों की राय के अनुसार लोगों के घर पर रहने और बाहर का खाना नहीं खाने या कई परहेज का असर है।

- निमोनिया के मरीज जहां इक्के-दुक्के आते थे। वहां अब इनकी संख्या में इजाफा हुआ है।

- निमोनिया को छोड़ दूसरी बीमारियों के मरीज सामने कम आ रहे। आउटडोर में प्रतिदिन सीओपीडी और अस्थमा के 25 मरीज आ रहे हैं। इन 25 में से करीब 7 से10 से अधिक मरीज प्रतिदिन निमोनिया की शिकायत वाले आ रहे हैं। जबकि इंडोर में इन तीनों के पांच मरीज रोजाना भर्ती हो रहे हैं।

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टीबी के हाल:

- प्रतिदिन करीब 25 से 30 का ओपीडी है। कोरोना से पहले सर्दी की शुरुआत में प्रतिदिन 40 से 45 मरीज रोजाना आते थे।

- जिले में टीबी के मरीज : पिछले वर्षों में सर्दी की शुरुआत में प्रतिमाह करीब 600 या इससे अधिक नए मरीज सामने आते थे, लेकिन इस बार टीबी के मरीजों की संख्या में करीब 35 प्रतिशत गिरावट आई है। इस अक्टूबर माह में टीबी के नए मरीज सामने आए है।

टीबी के अक्टूबर माह सामने आए मरीज

- डीएस टीबी (ड्रग सस्पेक्टिबल) - 435

- डीआर (ड्रग रेसिस्टेंट)- 05

- नियमित दवाइयां लेने वाले टीबी के मरीज जिले में करीब 2500 है।

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कोरोना का असर ओपीडी पर दिख रहा है, मरीज आउटडोर में कम हुए है। टीबी के नियमित मरीज सामान्य रूप से आ रहे हैं, हालांकि उनकी संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले करीब 35 प्रतिशत कम हुए हैं।

डॉ पीयूष सोनी, जिला टीबी अधिकारी

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