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उपकार ट्रेडमार्क और नाम के अवैध उपयोग पर कोर्ट की रोक

हाईकोर्ट के निर्देश पर सेशन कोर्ट ने दिया आदेश उदयपुर. अपर जिला न्यायाधीश संख्या-1 कोर्ट ने साल 2020 के मामले में 23 फरवरी को पारित आदेश में ट्रेड मार्क उपकार, ट्रेड नाम जेड ए कानोड़वाला के अनाधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रार्थी उपकार मसालों के मालिक कुतबुद्दीन कानोड़वाला के पक्ष में […]

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कोर्ट ने प्रार्थी उपकार मसालों के मालिक कुतबुद्दीन कानोड़वाला के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा दी।

कोर्ट ने प्रार्थी उपकार मसालों के मालिक कुतबुद्दीन कानोड़वाला के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा दी।

हाईकोर्ट के निर्देश पर सेशन कोर्ट ने दिया आदेश

उदयपुर. अपर जिला न्यायाधीश संख्या-1 कोर्ट ने साल 2020 के मामले में 23 फरवरी को पारित आदेश में ट्रेड मार्क उपकार, ट्रेड नाम जेड ए कानोड़वाला के अनाधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रार्थी उपकार मसालों के मालिक कुतबुद्दीन कानोड़वाला के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा दी। भंग हो चुकी साझेदार फर्म और विरोधी जाकिर हुसैन, हकीमुद्दीन, सैफुद्दीन, कुलसुम बानो की ओर से ट्रेड मार्क उपकार, ट्रेड नाम जेड ए कानोड़वाला के अनाधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी।

उल्लेखनीय है कि उपकार ट्रेडमार्क संपत्तियों के साथ मसाले के संबंध में अवैध रूप से किए जा रहे व्यापार को कोर्ट में प्रार्थी कुतबुद्दीन कानोड़वाला ने चुनौती दी थी। कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों पक्षों के बीच पहले जो साझेदारी फर्म थी, वह 31 अगस्त 2006 को ही भंग हो गई। कोर्ट ने माना कि वर्ष 2006 के बाद फर्म का संयुक्त व्यवसाय साझेदारी स्वरूप में नहीं रहा। साझेदारी भंग होने के बाद भी अप्रार्थी जाकिर हुसैन की ओर से प्रतिष्ठा का सहारा लेकर काम करना कानूनन अस्वीकार्य है।--

खाद्य विभाग की अनदेखीखाद्य विभाग अब तक अप्रार्थी की ओर से किए गए अवैध व्यापार से बेचे गए मसालों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर सका। मसालों का व्यापार सीधे तौर पर जन स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मसला है। पूर्व में नाम का दुरुपयोग करने वाली फर्म की अनियमितताओं पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है। इसके बावजूद खाद्य विभाग नाम के दुरुपयोग के साथ व्यापार करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं कर सका।

रोक के बावजूद असर नहीं

हाईकोर्ट से रोक का आदेश आने के बाद आरोपी फर्म की ओर से पता बदलकर व्यापार किया जा रहा है। यही नहीं आरोपी फर्म की भी सब फर्म खोलकर पते में मामूली बदलाव कर सब ब्रांड मसाले तैयार किए जा रहे हैं। गत 23 फरवरी को हाईकोर्ट का आदेश आने पर 26 फरवरी को भ्रमित करने वाले दूसरे नाम से व्यापार करना पाया गया। उपकार नाम से नकली मसाले बाजार में उपलब्ध होने से जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।