
उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ा पुनर्विकास कार्य। फोटो: पत्रिका
udaipur railway station: सिटी रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास का काम पांच माह से बंद पड़ा है। यह काम दिसंबर-2025 तक पूरा होना था, लेकिन यह अक्टूबर से ही बंद पड़ा है। ऐसे में रेलवे के अधिकारियों ने जनवरी माह में फर्म को नोटिस देकर जुर्माने की चेतावनी दी, लेकिन फर्म ने गंभीरता नहीं दिखाई। ऐसे में यह काम लंबा खिंचने की आशंका है।
सूत्रों के अनुसार उत्तर-पश्चिम रेलवे के जयपुर मुख्यालय से 1 जनवरी को सिटी स्टेशन पर काम कर रही फर्म को नोटिस जारी किया। एक अन्य नोटिस में अधूरे काम का हवाला देते हुए रेलवे ने स्पष्ट किया कि मौजूदा प्रगति से तय समय में प्रोजेक्ट पूरा होता मुश्किल दिख रहा है।
नोटिस में अनुबंध की शर्तों के अनुसार हर छूटे माइलस्टोन पर प्रतिदिन 0.05% तक जुर्माने का प्रावधान की बात बताकर चेतावनी भी दी गई है। इसमें योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए संसाधन बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने और संशोधित कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार स्टेशन पर दीपावली से पूर्व ही काम काफी धीमा हो गया था। फर्म को जितनी राशि जारी की गई उतना काम भी पूरा नहीं हो पाया है। लगातार काम बंद होने के बाद फर्म को तीन माह का अतिरिक्त समय भी दिया गया, लेकिन मार्च आने वाला है और यह काम अब भी बंद पड़ा है।
इस प्रोजेक्ट में कई अहम कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाए हैं। सभी प्लेटफार्म पर कॉनकोर बनाने के लिए फाउंडेशन तैयार किए गए हैं। इनके पिलर भी खड़े नहीं हो पाए हैं। इसके दौरान फर्स्ट इंट्री और सेकंड इंट्री पर भवनों का ढांचा खड़ा हुआ है। इनमें फर्नीचर, पंखे, एसी, ऑडियो सिस्टम, डिस्प्ले, फायर सिस्टम, फ्लोरिंग व अन्य फिनिशिंग कार्य लंबित हैं। इसके साथ ही प्लाजा, कैनोपी, कॉरिडोर, लिफ्ट-एस्केलेटर, फसाड और अन्य निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहे हैं।
उदयपुर सिटी स्टेशन पर रेलवे के उच्चाधिकारी आए दिन आते हैं। गत दिनों ही डीआरएम ने यहां विजिट की थी। लेकिन यहां बंद पड़े काम को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। इससे स्टेशन पर आवागमन करने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमृत भारत योजना के तहत 354 करोड़ की लागत से स्टेशन पुनर्विकास के काम किए जाने है। इनमें 86 हजार 248 स्क्वायर मीटर में भवन निर्माण, पार्किंग, कॉनकोर, फूड प्लाजा, 20 लिफ्ट और 26 एस्केलेटर लगाए जाने हैं। ये काम नहीं होने से प्रतिदिन हजारों यात्री फुट ओवर ब्रिज से चढ़कर दूसरे प्लेटफार्म पर उतर रहे हैं। इनमें कई बुजुर्ग, बीमार और बच्चे भी शामिल है।
Updated on:
27 Feb 2026 06:12 pm
Published on:
27 Feb 2026 06:11 pm
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