
उदयपुर . बाबुल ने जिस लाड-दुलार से उन्हें घर से विदा किया वह प्यार उन्हें सात जनम साथ निभाने का वचन देने वाले ने देना तो दूर बल्कि उसने सात समंदर पार जाकर ‘लाड़ो’ की जिंदगी को नरक बना दिया। ससुराल में प्रताडऩा देकर वह विदेश में बस गए और यहां लाड़ो कानूनन उसके नाम की जिंदगी की बेडिय़ों में बंधी होकर थाने-कोर्ट के चक्कर काट रही है। आरोपितों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बावजूद पुलिस उनकी गिरफ्तारी तो छोड़ो समन तक तामिल नहीं करवा पा रही हैं।
महिला थाना पुलिस में 11 ऐसे प्रकरण बरसों से लम्बित हैं। इनमें आरोपित पति भारत छोडक़र विदेश जा बसे। वहां पर वे नौकरी कर रहे हैं, कुछ ने तो विदेश में नागरिकता भी ले ली। पुलिस ने इन सभी नामजद आरोपितों के विरुद्ध राज्य सरकार व पुलिस मुख्यालय को सूचना देने के साथ ही उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस निकाले हैं लेकिन अब तक आरोपित वतन में नहीं लौटे। ऐसी स्थिति में बरसों से मामले में निपटारे की आस में पीडि़ता के बाबुल के घर पर आंसू भी सूख गए। कानूनन न तो वह अपना दूसरा रिश्ता सकती है, न ही उन्हें किसी तरह का भरण-पोषण मिल पा रहा है।
वतन वापसी होते ही पकड़ा गया
महिला थाने में दर्ज एक मामले में दिल्ली के आरोपित के विरुद्ध मामला दर्ज होते ही उसने विदेश में आकर वहां की नागरिकता ले ली। नागरिकता बदलने के बावजूद नाम-पते व हुलिये से वह वतन लौटते ही एयरपोर्ट पर पकड़ा गया। पुलिस ने उसके विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी कर रखा था।
लम्बे समय से फरार आरोपितों के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी करवा रखे हैं। ये वतन वापसी होते ही एयरपोर्ट पर पकड़े जाएंगे। कई आरोपित गिरफ्तारी के डर से विदेश में ही बस गए। वे आएंगे, तभी मामलों का निपटारा हो पाएगा।
-चेतना भाटी, महिला थानाधिकारी
Published on:
09 Jan 2018 07:29 am
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