
मास्टर प्लान में सरकारी आरक्षित जमीन पर भूखंड काटे
भीण्डर. (उदयपुर). नगर पालिका क्षेत्र में राज्य सरकार के मास्टर प्लान में सरकारी कार्यालय के लिए आरक्षित कर रखी जमीन पर भूमाफियाओं ने भूखण्ड काट दिए। इनमें कई भूखंडों को बेच भी दिया है। ऐसे मामले पहले भी हो चुके हैं और लोगों की जीवनभर की कमाई भूमाफियाओं के चंगुल फंसी हुई है। भीण्डर तहसील क्षेत्र के राजस्व गांव फोजवड़ली में आराजी नंबर 163, 164-165, 168, 170-171, 172, 173, 176, 223/1, 224, 225-226-227-228, 229/1, 274 की कुल 20 बीघा कृषि भूमि नगर पालिका के मास्टर प्लान 2010-2031 में आरक्षित कर रखी है। सरकार को अपने कार्यालय या अन्य सरकारी उपयोग के लिए जमीन लेनी होगी तो चिन्हित कर रखी निम्न जमीन को अवाप्त कर सकती है। दूसरी ओर भूमाफिया कृषि भूमि पर ही भूखण्ड काटकर लोगों से सौदेबाजी कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता हैं कि जो जमीन बिना सरकार के अनुमति के भू-रूपांतरण नहीं हो सकती है, उस जमीन पर लोग कैसे अपने मकान बनाएंगे और मकान बना भी दिए तो उसकी गारंटी कौन देगा कि यह कभी सरकार ध्वस्त नहीं करेंगी।
पालिकाध्यक्ष ने कलक्टर से रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग :
नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला भोजावत के सामने जब इस जमीन का मामला गया तो उन्होंने तुरन्त मास्टर प्लान में जमीन का प्रायोजन जांचा, जिसमें सरकारी आरक्षित भूमि इंद्राज मिला। इस पर निर्मला भोजावत ने उदयपुर जिला कलक्टर को पत्र भेजकर मांग की हैं कि उक्त जमीन के मालिक अपने स्तर पर भूखण्ड काटकर बेच रहे हैं, जो कि नियमानुसार नहीं होकर मास्टर प्लान की अवहेलना की जा रही है। वहीं 90 ए की कार्यवाही बिना कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ भू-उपयोग किया जा रहा है। इसलिए इस मामले में संज्ञान लेते हुए तुरन्त भूखण्ड विक्रय की होने वाली रजिस्ट्री पर रोक लगाई जाए।
इनका कहना
& उदयपुर नगर नियोजन विभाग को पत्र भेजकर मास्टर प्लान को लेकर दिशा-निर्देश मांगे है। वहां से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुरूप आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विजेश मंत्री,
ईओ नगर पालिका भीण्डर
Published on:
12 Aug 2021 05:36 pm
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