
एक हजार वर्ष पुराने पीपल की श्रद्धालु करेंगे परिक्रमा, भरेगा विशाल दशामाता मेला
शुभम कडेला/मावली. मावली उपखण्ड मुख्यालय से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित साकरिया खेडी ग्राम पंचायत के सुखवाडा गांव में शनिवार को दशामाता का विशाल मेला प्रारंभ होगा। सुखवाडा गांव में स्थित विशाल प्राचीन पीपल के वृक्ष की दशा माता के रूप में पूजा अर्चना की जाती है। मेले में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों की संख्या में महिलाओं द्वारा दशमी के दिन पीपल वृक्ष की पूजा अर्चना होगी।
जानकारी के अनुसार सुखवाडा गांव में लगभग 1 हजार वर्ष से अधिक पुराना पीपल का वृक्ष है। जिसकी दशामाता के दिन महिलाओं द्वारा पूजा अर्चना कर मन्नते मांगी जाती है। शनिवार को ग्रामीणों द्वारा विशाल दशामाता का मेले का आयोजन किया जायेगा। इस मेले में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं उमडकर दशामाता के दर्शन करते है। मेले को लेकर शुक्रवार शाम से मावली तहसील क्षेत्र के कई गांवों सहित उदयपुर एवं कई शहरों के श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो गया है।
श्रद्धालुओं की यह है मान्यताऐं
सुखवाडा के दशामाता मेले में दूर दराज के गांवों एवं कस्बों से महिलाऐं एवं पुरूष पहुंचते है। जो दशामाता के दर्शन कर पीपल वृक्ष की परिक्रमा करते है। साथ ही दशामाता से संतान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर यहां पर स्थित विशाल पीपल वृक्ष को श्रद्धालु कई टनों गुड का प्रसाद चढाते है। संतान की मन्नत पूरी होने पर इस मेले में उदयपुर के साथ साथ कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचते है तथा टनों गुड का प्रसाद चढाते है। इस पीपल वृक्ष की परिक्रमा एवं पूजा अर्चना कर श्रद्धालु अपने परिवार की सुख एवं समृद्धि की कामना करते है।
मन्नत मांगने पर पुनः हरा भरा हुआ पीपल
गांव के बडे बुजुर्गो का कहना है कि यह एक हजार वर्ष पीपल का वृक्ष कई सालों पहले स्वतः सूख गया था। जिसके बाद महिलाओं द्वारा संतान की मन्नत मांगी जाने के बाद यह वृक्ष पुनः हरा भरा एवं विशालकाय हो गया। बुजुर्गो का कहना है कि इस पीपल वृक्ष की सात बार परिक्रमा करने से संतान प्राप्ति की मन्नत पूरी होती है। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु गुड चढाते है। सुत्रों के अनुसार प्रतिवर्ष इस दशामाता मेले में पीपल वृक्ष पर करीब 70 से 90 टन गुड चढाया जाता है।
मेलास्थल पर लगी डोलर, झूले एवं गुड की दुकानें
मावली के सुखवाडा गांव में शनिवार को दशामाता का विशाल मेला भरेगा। मेले में इस बार हर वर्ष की भांति ज्यादा दुकानें लगी है। मेले में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी डोलर, झूले एवं चकरी भी लगी है। जो ग्रामीणों एवं बच्चों का खासा मनोरंजन करेगीं। साथ ही मेले में पूजा अर्चना के लिये गुड एवं प्रसाद की दुकानें भी लगाई गई है। इधर, खरीदारी के लिये मनिहारी, गन्ने का रस, अन्य शीतल पेय, फलों, खाद्य पदार्थो, कुल्फी, गोटा, स्टील बर्तन, पोस्टर एवं बच्चों के खिलौनों आदि की दुकानें लगीं है। हर वर्ष इस मेले में पूरे उदयपुर जिले एवं बाहरी जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। जो मेले का लुत्फ उठाते है।
मेले को लेकर तैयारियां पूर्ण
सुखवाडा के दशामाता मेले को लेकर सभी तैयारियां शुक्रवार देर शाम तक पूर्ण कर दी गई है। साथ ही मेले में पीने के लिये पानी की व्यवस्था एवं पार्किंग की व्यवस्था भी की गई। इसके साथ ही मेले में आमजन हेतु चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध रहेगीं। मेले में जगह-जगह व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन हेतु स्वयंसेवक उपस्थित रहेंगे। इधर, सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस जाब्ता भी तैनात रहेगा।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
सुखवाडा के दशामाता मेले को लेकर शुक्रवार शाम को ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मेलास्थल पर जुटने लग गयें। इसके बाद देर रात रात्रि जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस दौरान कलाकारों ने सुन्दर भजनों की प्रस्तुतियां दी। सुन्दर भजनों की प्रस्तुति ने देर रात्रि तक श्रद्धालुओं को भजनों के सुर से बांधे रखा।
Published on:
29 Mar 2019 06:03 pm
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