
परसाद/सलूम्बर. विधानसभा में उप चुनाव को लेकर बिगुल बज चुका है। वहीं, अलग-अलग प्रत्याशी मैदान में प्रचार करने में जुटे हुए है। राजस्थान पत्रिका ने सलूम्बर विधानसभा के परसाद क्षेत्र में टॉक शो का आयोजन किया। जहां क्षेत्रवासियों ने अपने-अपने मन की बात खुलकर रखी और सलूम्बर के विकास के लिए प्रमुख मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। उनका कहना था कि जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ सलूम्बर तथा उदयपुर जिलों के दर्जनों गांवों का एक मुख्य एवं बड़ा कस्बा परसाद जो व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्व है। इसके बावजूद परसाद में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। लम्बे समय से परसाद की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण सरकारों व प्रशासन से गुहार लगाते आ रहे है, लेकिन स्थिति जस की तस है। टॉक शो में क्षेत्रवासियों ने कहा कि उदयपुर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर बसा परसाद जो सलूम्बर जिला मुख्यालय तक वाया सराडा से जुडा हुआ है। उदयपुर के गिर्वा, सलूम्बर के सराड़ा व ऋषभदेव पंचायत समितियों की 12 ग्राम पंचायतों के करीब चालीस जनजाति बाहुल गांव और फलों का मुख्य बाजार जो व्यापार का बड़ा केंद्र है।
परसाद राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर स्थित है, लेकिन हाइवे अथॉरिटी द्वारा एक ही अंडरपास जो उदयपुर की ओर है। जिससे ऋषभदेव की ओर से आने वाले खरबर, पारेई, ढेलाई, कनकपुरा और मालवा के लोगों को एक से डेढ़ किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पडता है। अंडरपास बन जाता है तो आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं कम होगी। साथ ही लोगों को सुविधा भी हो जाएगी।
-भंवर सिंह राणावत
कस्बे में एक सरकारी राष्ट्रीयकृत बैंक की अति आवश्यकता है। वर्तमान में बीओबी की शाखा है, परन्तु भीड़ अधिक होने व एटीएम सही काम नहीं करने से आमजन व व्यापारियों को परेशानी होती है।
- दिलीप पंचाल
बस स्टैंड व डाक बंगला के सामने बेतरतीब वाहन व ठेले खडे करने से जाम लग जाता है। बस स्टैंड के बाजार की सडक क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटनाएं होती है। वहीं, उचित निकासी नहीं होने से पानी भरा रहने से व्यापारियों व राहगीरों को परेशान होना पड़ता है।
-चन्द्रवीर सिंह राणावत
दिन भर में सैकडों लोगों के आवागमन वाले बस स्टैंड पर सुविधाघर नहीं होने से आमजन, राहगीर व आसपास के परसाद पहुंचने वाले महिलाओं व पुरुषों को सुविधाघर के अभाव में परेशानी होती है। यहां भी साफ-सफाई के अभाव में कचरा व गंदगी का फैलाव होता है । कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था होना जरूरी है।
-हीरालाल कलाल
परसाद में पुलिस द्वारा नियमित रात्रि गश्त नहीं होने से चोरियों की घटनाएं बढ़ रही है। शिकायत पर पुलिस की ओर से स्टाफ की कमी बताकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड दिया जाता है। परसाद पुलिस थाने की नफरी बढाई जाएं। जिससे अपराध पर समय रहते अंकुश लग सके।
-नरेंद्र जैन
रोडवेज़ बस गांव के मुख्य स्टैंड पर नहीं आती। हाइवे पर ही सवारियों को उतार दिया जाता है। विशेषकर रात्रि के समय अगर कोई महिला या बच्चे अकेले हो तो कई प्रकार की दुर्घटना का डर सताता है। सरकार द्वारा रोडवेज बस को नगर के बस स्टैंड पर रोकने के लिए उचित कार्रवाई करनी होगी।
-रमेश कलाल
परसाद चिकित्सालय को क्रमोन्नत कर सेटेलाइट और ऑर्थोपेडिक सर्जरी की भी सुविधा स्थानीय चिकित्सालय में दी जाए। स्थानीय गांव से नेशनल हाइवे गुजर रहा है। आसपास की आबादी और आदिवासी की बड़ी-बड़ी पाले पड़ती है, जो इस नगर में आम कार्यों के लिए आते-जाते है। कई बार दुर्घटना होने पर घायल को 50-60 किमी दूर उदयपुर जिला मुख्यालय पर ले जाना पड़ता है। कई बार मौत तक हो जाती है। ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ये सुविधा आवश्यक है।
-बसन्त मीणा
Published on:
09 Nov 2024 01:15 am
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