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आरएमआरएस के निर्णय के बावजूद अधीक्षक कार्यालय लेकर बैठा है दंत विभाग की फाइल, यहां मरीजों को करना पड़ता है उपचार के लिए घंटों इन्तजार

- 20 मार्च को हुई थी आरएमआरएस की बैठक - एक माह से ज्यादा समय बीता, लेकिन अब तक टेंडर प्रोसेस तक नहीं पहुंच पाई नई कुर्सियों की खरीद - विभाग की पांच में से तीन कुर्सियां बेकार, जिन पर नहीं हो पाता उपचार

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20 मार्च को हुई थी आरएमआरएस की बैठक

20 मार्च को हुई थी आरएमआरएस की बैठक

सरकारी काम किस तरह से होते हैं इसका इससे अच्छा उदाहरण देखने को नहीं मिलेगा। आरएनटी मेडिकल कॉलेज अन्तर्गत हॉस्पिटलों की आरएमआरएस की बैठक हुए एक माह से अधिक समय हो गया, लेकिन फैसले पर अमल में अब तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा। दंत रोग विभाग में दो नई कुर्सियां लगाने के लिए भले ही बैठक में सात लाख रुपए जारी कर दिए गए, लेकिन अब तक कुर्सियां लगना तो दूर इसकी फाइल महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के अधीक्षक कार्यालय में एक से दूसरे टेबल तक नहीं पहुंची। दूसरी ओर विभाग में उपचार के लिए जा रहे मरीजों को उपचार के लिए घंटों बैठना पड़ता है, क्योंकि विभाग में एक मात्र कुर्सी है, जिस पर उपचार किया जा रहा है।

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जैसे-तैसे चला रखा है काम :

- एमबी हॉस्पिटल जो संभाग का सबसे बड़ा हॉस्पिटल हैं, वहां दांतों के उपचार के लिए दूर दराज से मरीज आते हैं। उदयपुर संभाग के जिलों से लेकर मध्यप्रदेश तक के मरीज यहां आते हैं। हालात ये है कि इस विभाग में एकमात्र कुर्सी ही ठीक है, इसके अलावा लगी हुई जो अन्य कुर्सियां है, उनमें किसी ना किसी प्रकार की कमी है। किसी में लाइट्स नहीं हैं तो किसी में क्या कमी है, ऐसे में जैसे-तैसे कर डॉक्टर्स जुगाड़ से काम चल रहे हैं।पांच में से दो पर हो रहा काम

- कुल पांच कुर्सियां विभाग में हैं, जिनमें से तीन कुर्सियां बंद पड़ी है और दो पर काम किया जा रहा है। इनमें से एक डेंटल चेयर में दांतों को साफ करने के लिए दो अलग-अलग पिचकारियां इस्तेमाल करनी पड़ती है, जिनमें एक में पानी आता है और दूसरे में हवा आ रही हैं। ऐसे में मरीजों को एक कुर्सी पर उपचार नहीं कर बार-बार उठाकर एक से दूसरी कुर्सी पर ले जाना पड़ता है।------

मरीजों को खाने पड़ते हैं धक्के- मरीजों को अपने उपचार के लिए बार-बार धक्के खाने पड़ते हैं, दो कुर्सियां ही जैसे-तैसे कर इस्तेमाल करने के कारण मरीजों को अपने उपचार के लिए बैठा रहना पड़़ता है, जबकि विभाग में पर्याप्त चिकित्सक हैं।

गर्मी में तपकर तवा हो रहे मरीज और डॉक्टर्स:एमबी हॉस्पिटल के अधिकांश विभागों में एसी या कूलर्स चिकित्सक कक्षों व ओपीडी में लगे हुए हैं, लेकिन दंत रोग विभाग में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में तेज गर्मी में चिकित्सक मरीजों का उपचार करते हैं, दूसरी ओर दांतों के दर्द के बीच गर्मी सहना मरीजों के लिए भी आसान नहीं है।

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जल्द ही दंत रोग विभाग में कुर्सियां लगाएंगे। हमें कमिश्नर कार्यालय से कुछ दिन पहले ही फाइल मिली है, इस पर हमने वित्तीय स्वीकृति जारी की है। जल्द ही टेक्नीकल कमेटी बनाकर कुर्सियां खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।

डॉ. आरएल सुमन, अधीक्षक एमबी हॉस्पिटल उदयपुर

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आरएमआरएस की बैठक के बाद तत्काल फाइल पर काम शुरू होना चाहिए था, इसे जल्द से जल्द पूरा कर मरीजों को राहत देनी चाहिए। यदि इस कार्य में शिथिलता बरती जा रही है तो गंभीर है, इस पर जवाब तलब किया जाएगा।

राजेन्द्र भट्ट, संभागीय आयुक्त उदयपुर