
पहले वाले पूरे नहीं और ले लिए अब 400 करोड़ रूपए के कार्यों के प्रस्ताव
DMFT FUND: डिस्ट्रिक माइनिंग फाउंडेशन ट्रस्ट की गवर्निंग कमेटी की बैठक जिला परिषद सभागार में कमेटी अध्यक्ष व जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पूर्व में स्वीकृत कार्यों को निरस्त कर दिया है। इस दौरान 400 करोड़ रूपए के नए कार्यों के प्रस्ताव लिए। बैठक में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, गोगुन्दा विधायक प्रताप गमेती, सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा, खेरवाड़ा विधायक डॉ दयाराम परमार तथा धरियावाद विधायक थावरचंद डामोर भी मौजूद रहे। माइनिंग इंजीनियर आरिफ अंसारी ने बताया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2023-24 तक जिले में डीएमएफटी मद से 269 करोड़ के 1106 कार्य स्वीकृत हुए। इनमें 237 पूर्ण हुए हैं। कई काम प्रगतिरत हैं। कुछ शुरू नहीं हो पाए। अब उनकी लागत अब बढ़ गई है। इस पर अप्रारंभ कार्यों को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी ने सहमति जता दी। इस मौके पर सीईओ कीर्ति राठौड़, उप जिला प्रमुख पुष्कर तेली आदि मौजूद रहे।
स्कूलों भवनों की मरम्मत का लिया प्रस्ताव
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा व जनप्रतिनिधियों ने जर्जर विद्यालय की मरम्मत तथा विद्यालयों में नए कक्षा कक्ष निर्माण की पैरवी की। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए 5-5 लाख रूपए स्वीकृत करने का प्रस्ताव लिया। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 नए हैण्डपंप के प्रस्ताव लिए। उदयपुर पेराफेरी के भुवाणा में पेयजल प्रबंधन के लिए करीब 4 करोड़ रूपए सहित तकरीबन 8.50 करोड़ के प्रस्ताव भी लिए।
इस काम के लिए बनी सहमति
शहर विधायक ताराचंद जैन ने आयड़ नदी में हुए कब्जों को हटाने, दोबारा कब्जे न हो इसके लिए फेसिंग कराने की मांग रखी। जिस पर फेसिंग कार्य के प्रस्ताव लिए। केसरियाजी में नदी पर बनी रपट पर बड़े यातायात दबाव देख 4 करोड़ रूपए की लागत से पुलिया निर्माण व सड़क सुदृढीकरण पर सहमति बनी। बडी स्थिति टीबी हॉस्पीटल में 150 बेड के नवीन ब्लॉक के लिए 10 करोड़, टीबी हॉस्पीटल की चारदीवारी निर्माण के लिए प्रस्ताव स्वीकार किया।
विभागीय कमेटी करेगी समसा के कार्यों की रिपोर्ट
जनप्रतिनिधियों ने समग्र शिक्षा विभाग के माध्यम से किए जा रहे कार्यों में से अधिकांश अधूरे होने की शिकायत की। समसा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्य पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन एसडीएम लेवल कमेटी की रिपोर्ट के अभाव में अंतिम भुगतान बकाया है। कलक्टर ने विभागीय कमेटी से रिपोर्ट तैयार कर 5 दिन में देने, रिपोर्ट के आधार पर बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए।
लागत बढ़ने पर चैयरमैन स्वीकृति के लिए अधिकृत
बैठक में सामने आया कि कुछ कामों की लागत पूर्व में स्वीकृत राशि की तुलना में बढ़ गई है। ऐसे प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने से पेडेन्सी बढ़ी है। सदन ने प्रगतिरत कार्यों में मूल स्वीकृति से 20 प्रतिशत तक लागत बढ़ने पर उसकी रिवाईज सेंशन के लिए कमेटी चैयरमेन को अधिकृत करने तथा संशोधित स्वीकृति का अनुमोदन आगामी गवर्निंग कमेटी की बैठक में कराने का प्रस्ताव लिया।
Updated on:
15 Mar 2024 05:34 pm
Published on:
15 Mar 2024 05:29 pm
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