
चन्दनसिंह देवड़ा/ उदयपुर . वसुंधरा सरकार में समायोजन के नाम पर बंद हुए प्रदेश के हजारों प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को कांग्रेस सरकार ने फिर खोलने का मानस बनाते हुए प्रस्ताव मांगे थे लेकिन नए शैक्षणिक सत्र में इनके ताले खुलने पर संशय है।
शिक्षा विभाग के मंडल कार्यालयों आधे-अधूरे प्रस्ताव भेजे दिए जिससे शिक्षा निदेशालय, बीकानेर से लेकर राजधानी तक में इन पर माथापच्ची बढ़ गई है। दो से तीन बार संशोधित प्रस्ताव तैयार कर भेजने के आदेश जारी किए लेकिन अब तक तकनीकी खामियां बनी हुई है।सरकार ने उन समायोजित किए गए उन स्कूलों के प्रस्ताव भेजने को कहा था, जो नदी-नाले, रेल लाइन, हाईवे के पार हो और बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में उन्हें पुन: खोला जा सके।
जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर समीक्षा कर इसका प्रस्ताव भेजना था लेकिन कई जिलों से उन सभी स्कूलों की सूची भेज दी जो समायोजित कर दिए गए थे। उदयपुर संभाग में 429 स्कूल समायोजित किए गए थे जिनमें से केवल 100 स्कूल ही पुन: पृथक हो सकते हैं।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से जो प्रस्ताव मिले, वे निदेशालय भेज रखे हैं। चुनाव के चलते इस पर अभी कुछ प्रगति नहीं हुई है। आचार संहिता खत्म होने के बाद जून में कोई निर्णय हो सकता है। भरत मेहता, संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा उदयपुर
संभाग की स्थिति
जिला समायोजित स्कूल
उदयपुर 76
बांसवाड़ा 92
चित्तौडगढ़़ 72
डूंगरपुर 90
प्रतापगढ़ 35
राजसमंद 64
Updated on:
20 Apr 2019, 4:31 PM IST
Published on:
20 Apr 2019, 4:31 PM IST
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